सोनीपत। निकाय चुनावों की सरगर्मियां बढ़ती जा रही है। गुरुवार को मेयर चुनाव के लिए शुरू हुए सियासी घमासान ने शुक्रवार आते आते नया रूप ले लिया। अचानक कांग्रेस से मेयर प्रत्याशी ने चुनाव लड़ने से इनकार करने के बाद आज हामी भर दी है।
हुआ यूं कि कमल दीवान और पूर्व विधायक सुरेंद्र पंवार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके चुनाव नहीं लड़ने की खबर को भाजपा की चाल बताया। बुधवार को सोनीपत में नगर निगम चुनाव में कांग्रेस से मेयर पद के उम्मीदवार कमल दीवान ने आला नेताओं की मौजूदगी में नामांकन किया तो ये लगा कि दीपेंद्र सिंह हुड्डा और प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र के नेतृत्व में कांग्रेस एकजुट होकर चुनाव लड़ेगी। जैसे ही दिन शुरू हुआ तो हरियाणा कांग्रेस में गुटबाजी के आरोप लगाते हुए कांग्रेस के सूत्रों ने बताया कि कमल दीवान चुनाव नहीं लड़ेगे।
इसके बाद कांग्रेस के उम्मीदवार के इस कदम ने कांग्रेस में भूचाल ला दिया और एक के बाद एक नेताओं की हलचल कमल दीवान के आवास पर शुरू हुई। आखिरकार कमल दीवान और पूर्व विधायक सुरेंद्र पंवार ने एक साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस करके इसको बीजेपी की साजिश करार दिया, कमल दीवान ने कहा कि चुनाव न लड़ने की चर्चा महज अफवाह थी। दोनों नेताओं ने आरोप लगाया कि यह अफवाह भाजपा की साजिश के तहत फैलाई गई।
दीवान ने बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी अफवाह फैला रही है और चुनाव के समय ऐसे हथकंडे अपना रही है। कमल दीवान ने कहा कि वे एक अच्छे और सच्चे पूर्व विधायक के बेटे हैं और मैदान छोड़कर भागने वालों में से नहीं हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस अनुशासित पार्टी है और पूरा संगठन एकजुट होकर चुनाव लड़ रहा है।
मेयर उम्मीदवार कमल दीवान ने कहा कि अंबाला में एक उम्मीदवार के नामांकन में शामिल होने गए थे, जिस कारण सोनीपत में दिखाई नहीं दिए। इसी अनुपस्थिति को आधार बनाकर भ्रम फैलाया गया कि वे चुनाव नहीं लड़ रहे हैं। पूर्व विधायक सुरेंद्र पंवार ने भी अपने और कमल दीवान के बीच मनमुटाव की खबरों को सिरे से खारिज किया।
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