
करनाल। कर्णनगरी के इंद्री क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले नन्हेड़ा में 22 वर्षीय युवक बॉबी की संदिग्ध हालात में मौत का मामला पिछले आठ दिनों से गरमाया था। लगातार विरोध-प्रदर्शन, न्याय की मांग और प्रशासन और परिजनों के बीच बने गतिरोध के बाद आखिरकार यह विवाद शांत हो गया। पुलिस कप्तान नरेंद्र बिजारणियां की ओर से डीएसपी संदीप के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल के गठन और निष्पक्ष जांच के ठोस आश्वासन के बाद परिजन शव लेने और अंतिम संस्कार करने के लिए राजी हो गए।
कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज के पोस्टमार्टम हाउस के बाहर माहौल कई दिनों से तनावपूर्ण बना हुआ था। इस गतिरोध को तोड़ने के लिए एसआईटी के प्रमुख डीएसपी संदीप कुमार, डीएसपी राजीव और अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने समाज के प्रबुद्ध प्रतिनिधियों व पीड़ित परिवार के साथ एक लंबी और मैराथन बैठक की। पुलिस की ओर से परिजनों की प्रमुख मांगों को स्वीकार किए जाने के बाद सहमति बनी, जिससे प्रशासन ने भी राहत की सांस ली। एसआईटी प्रभारी डीएसपी संदीप ने बताया कि परिजनों ने जांच प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए अपने एक प्रतिनिधि को शामिल करने और एक महत्वपूर्ण दस्तावेज उपलब्ध कराने की मांग रखी थी। पुलिस ने दोनों मांगों को तुरंत स्वीकार कर लिया, जिसके बाद परिजन शांत हुए।
नन्हेड़ा गांव का रहने वाला 22 वर्षीय बॉबी 25 मई की सुबह करीब 7:30 बजे अपनी मां रीना को यह कहकर घर से निकला था कि वह थोड़ी देर में लौट आएगा। दोपहर करीब 12 बजे उसकी अपने भाई अभिषेक से आखिरी बार फोन पर बात हुई, जिसमें उसने जल्द घर आने की बात कही। इसके बाद उसका मोबाइल फोन बंद हो गया। जब बॉबी देर रात तक घर नहीं लौटा, तो परिवार ने उसकी तलाश शुरू की। अगले दिन, 26 मई को जब परिजनों ने बॉबी के नंबर पर दोबारा कॉल की, तो फोन एक पुलिस कर्मचारी ने उठाया। पुलिस ने बताया कि खेतों में एक अज्ञात शव मिला है। जब परिवार मौके पर पहुंचा, तो वह शव बॉबी का ही था।
बॉबी का शव नन्हेड़ा गांव के ही खेतों में संदिग्ध हालत में मिला था। परिजनों का आरोप है कि बॉबी की बेरहमी से हत्या की गई है। परिजनों के अनुसार, बॉबी के चेहरे और शरीर पर गंभीर रूप से जलने के निशान थे। आरोप है कि उसके चेहरे पर तेजाब डाला गया था और नाक-मुंह से खून बह रहा था। परिजन स्थानीय डॉक्टरों की शुरुआती पोस्टमार्टम रिपोर्ट से संतुष्ट नहीं थे। उनका कहना था कि इसमें मौत के सही कारणों और चोटों का स्पष्ट जिक्र नहीं है। इसके बाद सच्चाई सामने लाने के लिए शव को दोबारा पोस्टमार्टम के लिए पीजीआई चंडीगढ़ भेजा गया था। बॉबी के भाई अभिषेक कुमार ने पुलिस को दी शिकायत में गांव के ही कुछ लोगों के साथ पुरानी रंजिश होने की बात कही है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने निम्नलिखित आरोपियों को नामजद किया है। रिंकू ,जयपाल , मोहित, अंकित, अंकित का भाई ‘पाहड़ी’राममेहर शर्मा आदि है।
अधिकारियों से लिखित और मौखिक आश्वासन मिलने के बाद परिजन पोस्टमार्टम हाउस से बॉबी के शव को लेकर अपने पैतृक गांव नन्हेड़ा पहुंचे। जहां बेहद गमगीन और सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच बॉबी का अंतिम संस्कार कर दिया गया। पुलिस का रुख: डीएसपी राजीव और जांच अधिकारियों ने कहा कि पुलिस पूरी संवेदनशीलता और पारदर्शिता के साथ इस केस की कड़ियां जोड़ रही है। पीजीआई चंडीगढ़ की पोस्टमार्टम रिपोर्ट और एसआईटी की जांच में जो भी तथ्य और साक्ष्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर सभी नामजद आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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