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BJP राज्य में चुनाव कराने की इच्छुक नहीं : Omar Abdullah

September 28, 2023

BJP राज्य में चुनाव कराने की इच्छुक नहीं : Omar Abdullah

श्रीनगरः जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने गुरुवार को कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) राज्य में चुनाव कराने की इच्छुक नहीं है क्योंकि उन्हें पता है कि लोग उनका समर्थन नहीं करेंगे। उमर ने यह बात उस सवाल के जवाब में कही कि केंद्र सरकार संभवत: जम्मू-कश्मीर में पंचायत और शहरी निकायों के चुनाव स्थगित कर सकती है। उन्होंने श्रीनगर में पत्रकारों से कहा,‘‘हम पहले दिन से ही कह रहे हैं कि भाजपा जम्मू-कश्मीर में चुनाव कराने की इच्छुक नहीं है क्योंकि उन्हें पता है कि लोग किसी भी तरह से उनका समर्थन नहीं करेंगे।‘‘ उन्होंने कहा कि भाजपा अकेले कश्मीर घाटी में नहीं हारेगी, बल्कि उसे जम्मू में भी हार का सामना करना पड़ेगा, इसलिए वे चुनाव कराने में इच्छुक नहीं हैं।

उमर ने कहा, कि ‘विधानसभा चुनाव अभी दूर हैं, वे स्थानीय निकाय और पंचायत चुनावों के बारे में उच्चतम न्यायालय में बात कर रहे थे, अब ऐसा लगता है कि वह भी ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है। टालना मुश्किल लग सकता है।‘‘ उन्होंने कहा,‘‘अब केवल कोई ही इस बात पर भरोसा कर सकता है कि लोकसभा के चुनाव हो सकते हैं, जिन्हें टालना उन्हें मुश्किल लग सकता है।‘‘ उन्होंने कहा कि हर राजनीतिक दल और नागरिक जम्मू-कश्मीर में चुनाव चाहता है। उन्होंने आरोप लगाया कि उपराज्यपाल एकमात्र व्यक्ति हैं जो जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव कराने का विरोध करते हैं।

उन्होंने कहा कि ‘‘शायद केवल उपराज्यपाल और उनके आसपास के लोग ही जम्मू-कश्मीर में चुनाव नहीं कराना चाहते हैं। उनके अलावा अगर आप सड़क पर किसी से भी चुनाव के बारे में पूछेंगे तो वह निश्चित तौर पर चाहेगा कि जम्मू-कश्मीर में चुनाव हो।‘‘ उन्होंने जम्मू-कश्मीर को आतंक मुक्त बनाने का दावा करने वाले जम्मू-कश्मीर के पुलिस महानिदेशक के बारे में पूछे जाने पर कहा कि उन्हें ऐसा करने दीजिए। उन्होंन कहा‘‘हम सभी जम्मू-कश्मीर को आतंकवाद से मुक्त देखना चाहते हैं। पिछले 35 वर्षों में सुरक्षा बलों के बाद यदि किसी ने बलिदान दिया है, तो वह नेशनल कॉन्फ्रेंस है जिसके हजारों कार्यकर्ताओं ने अपनी जान गंवाई है।

उमर ने कहा, कि ‘जम्मू-कश्मीर को आतंकवाद से मुक्त बनाएं और सशस्त्र बल विशेष शक्ति अधिनियम (एएफएसपीए) हटाएं‘। हम उन लोगों में से पहले व्यक्ति होंगे जो आपके काम की सराहना करेंगे।’’ उन्होंने जम्मू में विपक्षी नेताओं द्वारा बुलाई गई बैठक के बारे में कहा कि वे जम्मू-कश्मीर के मौजूदा हालात पर एक-दूसरे के साथ बैठेंगे और बात करेंगे। उमर ने कहा कि फारुक अब्दुल्ला ने जानबूझकर जम्मू में बैठक आयोजित करने का फैसला किया ताकि जम्मू के लोग खुद को उपेक्षित महसूस न करें और जम्मू-कश्मीर की मौजूदा स्थिति पर विचार-विमर्श करने में आसानी से भाग लें।

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