श्रीनगर (जम्मू-कश्मीर): पंजाब ग्रामीण विकास सोसायटी के अध्यक्ष और शिरोमणि अकाली दल के उपाध्यक्ष रविंदर सिंह ब्रह्मपुरा ने एक शक्तिशाली बयान में, कश्मीर के पहलगाम में हाल ही में हुए आतंकवादी हमले में मारे गए नौसेना अधिकारी लेफ्टिनेंट विनय नरवाल की विधवा हिमांशी नरवाल के ऑनलाइन उत्पीड़न की कड़ी निंदा की है।
ट्रोलिंग को “शर्मनाक और अमानवीय कृत्य” बताते हुए ब्रह्मपुरा ने नाराजगी व्यक्त की कि अपने पति की मौत पर शोक मना रही एक महिला को सोशल मीडिया पर क्रूरता का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा, “यह उसके लिए बहुत ही दर्दनाक समय है और उसे सहारा देने के बजाय कुछ लोग उसके दुख को और बढ़ा रहे हैं। ऐसा व्यवहार शर्मनाक और कायरतापूर्ण है।”
ब्रह्मपुरा ने रेखांकित किया कि हिमांशी नरवाल ने कोई घृणित टिप्पणी नहीं की थी, बल्कि केवल आतंकवादियों के खिलाफ न्याय की मांग की थी। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, “उसने दुख और देशभक्ति की भावना से बात की। उसके शब्दों को तोड़-मरोड़ कर पेश करना या उसे निशाना बनाना सांप्रदायिक तनाव पैदा करने के उद्देश्य से एक खतरनाक प्रवृत्ति को दर्शाता है।”
उन्होंने आगे आरोप लगाया कि हमले के मद्देनजर कश्मीरियों और मुसलमानों को बदनाम करने के लिए एक बड़ी साजिश चल रही है, जिसमें नफरत और विभाजन फैलाने के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल किया जा रहा है।
उन्होंने कहा, “हम इस ट्रोलिंग को सांप्रदायिक सद्भाव को बिगाड़ने के व्यापक प्रयास के हिस्से के रूप में देखते हैं। लेकिन जो लोग हमें बांटना चाहते हैं, वे असफल होंगे।”
केंद्र सरकार से तत्काल कार्रवाई करने का आह्वान करते हुए ब्रह्मपुरा ने नफरत फैलाने और सांप्रदायिक विवाद को भड़काने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की।
उन्होंने आग्रह किया, “सोशल मीडिया भावनात्मक और सांप्रदायिक हिंसा का हथियार नहीं बन सकता। केंद्र को इसे रोकने के लिए तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए।”
ब्रह्मपुरा ने हिमांशी नरवाल और उनके परिवार के साथ एकजुटता व्यक्त करते हुए कहा, “पूरा देश उनके साथ खड़ा है। ऐसे समय में जब पूरा देश अपने वीर योद्धा के लिए शोक मना रहा है, हमें नफरत को खारिज करना चाहिए और शांति, न्याय और राष्ट्रीय अखंडता के लिए एकजुट होना चाहिए।”
ये भी पढ़ें- देशभर में आज कितनी है LPG सिलेंडर की कीमत? जानें CNG और PNG के रेट

