जम्मू: शारदीय नवरात्र की पावन शुरुआत के साथ ही जम्मू में आस्था का सागर उमड़ पड़ा है। नौ दिनों तक चलने वाले इस पर्व की पहली सुबह से ही माता के मंदिरों में भक्तों की लंबी कतारें लग गईं। जम्मू के प्रसिद्ध मां बावे वाली मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली, जहां ‘जय माता दी’ के गगनभेदी जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।
मंदिरों में उमड़ी भक्तों की भीड़
नवरात्र के पहले दिन मां दुर्गा के पहले स्वरूप मां शैलपुत्री की पूजा-अर्चना की जाती है। भक्तजन सुबह से ही मंदिरों में उमड़ पड़े और श्रद्धा भाव से मां के चरणों में नतमस्तक होकर देश और प्रदेश की सुख-शांति की कामना की। इस बार खास बात यह रही कि हाल ही में जम्मू-कश्मीर में आई प्राकृतिक आपदाओं के कारण श्रद्धालुओं ने विशेष रूप से माता रानी से आपदामुक्त और शांतिपूर्ण जीवन की प्रार्थना की।
मंदिरों में किए गए विशेष प्रबंध
मंदिरों को आकर्षक फूलों, रंग-बिरंगी रोशनियों और पारंपरिक सजावट से भव्य रूप दिया गया है। श्रद्धालुओं ने बताया कि माता के दर्शन कर उन्हें एक विशेष आध्यात्मिक ऊर्जा और शांति का अनुभव हुआ। मंदिर प्रशासन द्वारा भी दर्शनार्थियों की सुविधा के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं साफ-सफाई, सुरक्षा व्यवस्था और जलपान की व्यवस्था से लेकर मेडिकल सहायता तक का प्रबंध किया गया है।
मां बावे वाली मंदिर के पुजारियों के अनुसार, इस वर्ष नवरात्र का विशेष महत्व है क्योंकि यह समय आध्यात्मिक साधना और प्रकृति के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने का अवसर है। श्रद्धालु व्रत, हवन और विशेष पूजा के माध्यम से मां दुर्गा के नौ रूपों की आराधना करेंगे।
मंदिरों में दिखी नवरात्र की भीड़
जम्मू की सड़कों से लेकर मंदिर परिसर तक हर ओर नवरात्र की रौनक दिखाई दे रही है। लोग पारंपरिक परिधानों में, माथे पर चंदन और हाथों में पूजा की थाल लेकर माता के दर्शन को आ रहे हैं। श्रद्धा और विश्वास के इस पर्व ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि धर्म और संस्कृति की जड़ें इस भूमि में कितनी गहरी हैं।
नवरात्र के आगामी दिनों में भक्तों की भीड़ और बढ़ने की संभावना है। मंदिर प्रशासन ने लोगों से संयम और अनुशासन बनाए रखने की अपील की है ताकि सभी भक्तजन शांतिपूर्वक और सुरक्षित रूप से माता के दर्शन कर सकें।
मेष: दिन शुभ रहेगा...