NC MLAs Revolt Over Cabinet Reshuffle : श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर में नेशनल कॉन्फ्रेंस के भीतर कैबिनेट फेरबदल को लेकर असंतोष बढ़ गया है। 18 विधायकों ने पार्टी नेतृत्व को मांगपत्र भेजकर कैबिनेट के व्यापक पुनर्गठन, दो साल पूरे कर चुके मंत्रियों को हटाने, जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा और अनुच्छेद 370 बहाल करने के प्रयास तेज करने तथा 2024 के चुनावी घोषणापत्र को तय समय-सीमा में लागू करने की मांग की है। एक विधायक ने इस मुहिम को 25 से अधिक विधायकों का समर्थन मिलने का दावा किया है।
सूत्रों के अनुसार, विधायकों ने पार्टी के चुनावी घोषणापत्र को एक तय समय-सीमा के भीतर लागू करने की मांग की है। ज्ञापन में जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा वापस दिलाने और अनुच्छेद 370 की बहाली के लिए राजनीतिक संघर्ष को तेज करने की भी मांग की गई है। इसके अलावा, विधायकों ने सलाहकार नासिर असलम वानी और उन मंत्रियों को हटाने की मांग की है, जिन्हें अपने पद पर रहते हुए दो साल पूरे हो चुके हैं। सूत्रों के मुताबिक, पार्टी विधायकों ने कैबिनेट के व्यापक पुनर्गठन और दाचीगाम में बनी सहमति को लागू करने की भी मांग की है।
3 जून को दाचीगाम में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की अध्यक्षता में हुई एक बैठक में, पार्टी विधायकों ने उपमुख्यमंत्री सुरेंद्र चौधरी और मंत्रियों जावेद राणा व सतीश शर्मा के कामकाज पर सवाल उठाए थे। हाल ही में हुए कैबिनेट फेरबदल में सतीश शर्मा को हटा दिया गया, जबकि जावेद राणा से कई महत्वपूर्ण विभाग वापस लेकर उनकी भूमिका सीमित कर दी गई। हालांकि, उपमुख्यमंत्री के पास अभी भी सड़क एवं भवन विभाग तथा उद्योग एवं वाणिज्य विभाग बने हुए हैं। इस समूह में शामिल एक विधायक ने दावा किया कि उन्हें 25 से अधिक विधायकों का समर्थन प्राप्त है और उनका एकमात्र उद्देश्य नेशनल कॉन्फ्रेंस में सुधार लाना है।
“हम नेशनल कॉन्फ्रेंस हैं, और हमने पिछले 30 सालों से पार्टी के लिए अपना खून-पसीना बहाया है। हम यह नहीं होने देंगे कि कुछ लोग पार्टी पर कब्ज़ा कर लें या इसे एक कॉर्पोरेट इकाई में बदल दें,” उन्होंने कहा। एक अन्य विधायक ने आरोप लगाया कि दाचीगाम बैठक के दौरान कड़ी आलोचना झेलने वाले मंत्री अपने अहम विभाग (पोर्टफोलियो) बचाने में कामयाब रहे—

