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बोले किरेन रिजिजू, सभी दलों को राजनीति से ऊपर उठकर इस विषय पर गंभीरता से विचार करना चाहिए

kiran rijju

नई दिल्लीः सोमवार को लोकसभा में सरकार ने शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने और प्रतियोगी परीक्षाओं में होने वाले पेपर लीक की घटनाओं पर रोक लगाने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण शिक्षा सुधार विधेयक पेश किया। सरकार का कहना है कि इस कानून के जरिए परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और भरोसेमंद बनाया जाएगा, ताकि छात्रों को निष्पक्ष माहौल में परीक्षा देने का अवसर मिल सके।

विधेयक पेश होते ही विपक्ष का हंगामा
जैसे ही सरकार ने सदन में इस विधेयक को पेश करने की अनुमति मांगी, विपक्षी दलों ने जोरदार विरोध शुरू कर दिया। विपक्ष के सांसदों ने विभिन्न मुद्दों को लेकर हंगामा किया, जिससे कुछ समय के लिए सदन का माहौल काफी शोरगुल वाला हो गया। इस दौरान सरकार की ओर से विधेयक पर चर्चा शुरू करने की कोशिश की गई, लेकिन विपक्ष के विरोध के कारण कार्यवाही प्रभावित होती रही।

सरकार ने बताया कानून को जरूरी
सरकार का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में कई प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक होने की घटनाओं ने लाखों छात्रों के भविष्य पर असर डाला है। ऐसे मामलों को रोकने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए यह विधेयक लाया गया है। सरकार का मानना है कि नए कानून से परीक्षा प्रक्रिया अधिक सुरक्षित होगी और छात्रों का भरोसा मजबूत होगा।

किरेन रिजिजू ने विपक्ष से की सहयोग की अपील
संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने सदन में विपक्ष से हंगामा छोड़कर इस महत्वपूर्ण विधेयक पर चर्चा में भाग लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह किसी एक राजनीतिक दल का नहीं, बल्कि देश के लाखों छात्रों और उनके भविष्य से जुड़ा मुद्दा है। इसलिए सभी दलों को राजनीति से ऊपर उठकर इस विषय पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।

व्यापक चर्चा के बाद कानून बनाने की इच्छा
किरेन रिजिजू ने कहा कि सरकार चाहती है कि इस विधेयक पर सभी राजनीतिक दल खुलकर अपनी राय रखें। उन्होंने कहा कि अगर सभी पक्ष मिलकर सुझाव देंगे तो एक मजबूत और प्रभावी कानून बनाया जा सकता है, जिससे भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।

छात्रों के हित में बताया गया कदम
सरकार का कहना है कि यह विधेयक छात्रों के हितों की रक्षा के लिए लाया गया है। इसका उद्देश्य परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाना, नकल और पेपर लीक जैसी अनियमितताओं को रोकना तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करना है। सरकार को उम्मीद है कि सदन में चर्चा के बाद इस विधेयक को पारित करने में सभी दल सहयोग करेंगे।

 

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