नई दिल्ली: केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सोमवार को कांग्रेस और विपक्षी गठबंधन INDIA ब्लॉक पर निशाना साधा। उन्होंने कांग्रेस को दिशाहीन बताते हुए कहा कि संवैधानिक अधिकारियों का खुलेआम गलत इस्तेमाल करना निंदनीय है। उनका यह बयान उस समय आया, जब INDIA ब्लॉक के नेता स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों और मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट की ओर मार्च कर रहे थे।
रिजिजू ने कांग्रेस और विपक्ष पर क्या कहा?
किरेन रिजिजू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा कि विरोध करना हर नागरिक का अधिकार है, लेकिन संवैधानिक अधिकारियों का खुलेआम गलत इस्तेमाल करना निंदनीय है। उन्होंने कांग्रेस की आलोचना करते हुए कहा कि पार्टी अब दिशाहीन हो गई है। रिजिजू ने यह भी कहा कि अगर कांग्रेस के पास परिपक्व और प्रतिबद्ध नेतृत्व हो, जो साल में 200 दिन छुट्टियां बिताने में रुचि न रखता हो, तो पार्टी अपनी सीटों की संख्या बढ़ा सकती है। उनका यह तंज कांग्रेस नेतृत्व पर निशाना माना जा रहा है।
राहुल और प्रियंका गांधी ने मार्च का नेतृत्व किया
INDIA ब्लॉक के इस मार्च में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा शामिल हुए। दोनों नेताओं ने सोमवार को मार्च का नेतृत्व किया। कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल और कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार भी इसमें मौजूद रहे।
इसके अलावा समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता तेजस्वी यादव समेत विपक्षी गठबंधन के कई नेता मार्च में शामिल हुए। ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की अध्यक्ष नेहा बोरा भी राहुल और प्रियंका गांधी के साथ चलती नजर आईं।
SIR प्रक्रिया और चुनाव आयोग के खिलाफ विरोध
विपक्षी दलों का आरोप है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR की प्रक्रिया में गड़बड़ियां हो रही हैं। INDIA ब्लॉक के नेता इस प्रक्रिया को लेकर अपनी आपत्ति दर्ज करा रहे हैं। वे मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी कर रहे हैं।विपक्ष का कहना है कि मतदाता सूचियों में कथित हेरफेर से मतदाताओं के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं। हालांकि, ये विपक्ष की ओर से लगाए गए आरोप हैं।
राहुल गांधी की कानूनी टीम ने सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री से मांगा समय
रिपोर्ट के मुताबिक, राहुल गांधी की कानूनी टीम सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री पहुंची और व्यक्तिगत रूप से याचिका दाखिल करने के लिए अतिरिक्त समय मांगा। यह याचिका दिल्ली में विरोध प्रदर्शन और भारतीय निर्वाचन आयोग से जुड़े कथित मुद्दों से संबंधित बताई गई है।बताया गया कि कानूनी टीम ने याचिका दाखिल करने की समय-सीमा बढ़ाने की मांग की। सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री में याचिका जमा करने का सामान्य समय शाम 4:30 बजे तक बताया गया है। हालांकि, ई-फाइलिंग की सुविधा के जरिए याचिकाएं ऑनलाइन भी दाखिल की जा सकती हैं।
मार्च के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम
INDIA ब्लॉक के मार्च को देखते हुए दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी। रास्तों पर बैरिकेडिंग की गई और बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया। मार्च में कई राजनीतिक कार्यकर्ताओं और नागरिक अधिकारों से जुड़े लोगों ने हिस्सा लिया। मार्च के दौरान कांग्रेस सांसद चरणजीत सिंह चन्नी ने समाचार एजेंसी ANI से बातचीत में दावा किया कि देश के अलग-अलग हिस्सों से लोग विरोध जताने दिल्ली पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष SIR प्रक्रिया और कथित ‘वोट चोरी’ के खिलाफ आवाज उठा रहा है।
चन्नी ने आरोप लगाया कि हरियाणा, असम और बिहार में चुनावों के दौरान मतदाता सूचियों में हेरफेर किया गया और अब पंजाब में भी ऐसा होने की आशंका है। उन्होंने कहा कि लोग इसलिए सड़कों पर उतर रहे हैं, ताकि मतदाता सूची से उनके वोट न हटाए जाएं।
चुनाव आयोग के मुद्दे पर विपक्ष का विरोध जारी
INDIA ब्लॉक के नेताओं ने चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों पर अपना विरोध दर्ज कराया है। विपक्षी दल SIR प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और मतदाता सूची की पारदर्शिता को लेकर सवाल उठा रहे हैं। वहीं, किरेन रिजिजू ने विपक्ष की रणनीति और कांग्रेस के नेतृत्व की आलोचना की है। इस पूरे घटनाक्रम के बीच SIR प्रक्रिया, मतदाता सूची और चुनाव आयोग की भूमिका को लेकर सियासी बहस तेज हो गई है।

