किसान मुद्दों को लेकर मोगा में किरती किसान यूनियन का प्रदर्शन
Dalip Kumar
Kisan Union Raises Punjab Issues : मोगा। अनाज मंडी में किरती किसान यूनियन की ओर से किसानों और पंजाब से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर विशाल एकत्रीकरण किया गया। किसानों ने केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पंजाब के पानी, बीबीएमबी, नशे और कृषि में कॉरपोरेट दखल समेत कई मुद्दे उठाए।
एकत्रीकरण में केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ किसानों ने जोरदार नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की। मीडिया से बातचीत करते हुए किसान नेताओं ने कहा कि यह एकत्रीकरण भाजपा और आरएसएस की नीतियों के विरोध में आयोजित किया गया है। उन्होंने कहा कि दिल्ली किसान आंदोलन के दौरान देशभर के किसानों ने लंबे समय तक संघर्ष किया था। किसान नेताओं ने दावा किया कि इस आंदोलन के दौरान करीब 750 किसानों की मौत हुई थी।
https://dainiksaveratimes.com/wp-content/uploads/2026/09/402338.mp4उन्होंने कहा कि किसानों को अपनी मांगें मनवाने के लिए दिल्ली की सीमाओं पर लंबे समय तक आंदोलन करना पड़ा। किसान नेताओं ने पंजाब के पानी से जुड़े मामलों और भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड के मुद्दे को भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि पंजाब के पानी संबंधी फैसलों में पंजाब को अधिक अधिकार मिलने चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने पाकिस्तान के साथ व्यापार के लिए रास्ता खोलने की मांग रखते हुए कहा कि इससे सीमावर्ती क्षेत्रों में व्यापार और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिल सकता है।नशे के मुद्दे पर किसान नेताओं ने कहा कि पंजाब में नशे की समस्या को केवल राजनीतिक रैलियों और बयानों से हल नहीं किया जा सकता। उन्होंने नशे की सप्लाई के स्रोतों को रोकने के लिए ठोस और प्रभावी कार्रवाई की मांग की। किसान नेताओं ने कहा कि पंजाब में कॉरपोरेट घरानों और बड़ी निजी कंपनियों की बढ़ती दखलअंदाजी का वे लगातार विरोध करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि किसान और मजदूर पंजाब की धरती, पानी और कृषि को बचाने के लिए अपना संघर्ष जारी रखेंगे। एकत्रीकरण के अंत में किसान नेताओं ने ऐलान किया कि आने वाले दिनों में किसान और पंजाब से जुड़े मुद्दों को लेकर संघर्ष को और तेज किया जाएगा।