नई दिल्ली/श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में बादल फटने से गंभीर हालात बन गए हैं। इस घटना में कई जगह पानी भर गया और नुकसान हुआ है। राहत और बचाव के लिए प्रशासन और बचाव दल लगातार काम कर रहे हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस घटना के बाद जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से फोन पर बात की। अमित शाह ने भरोसा दिया कि केंद्र सरकार हर परिस्थिति में जम्मू-कश्मीर के लोगों के साथ खड़ी है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पहले ट्विटर) पर लिखा कि स्थानीय प्रशासन राहत और बचाव में जुटा है और एनडीआरएफ की टीमें तुरंत घटनास्थल पर पहुंच गई हैं। गृह मंत्री ने कहा कि स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है और जरूरतमंदों को हर संभव मदद दी जाएगी।
Spoke with the LG and Chief Minister of J&K on the cloudburst in Kishtwar district. The local administration is conducting relief and rescue operations. NDRF teams have promptly been rushed to the site. We are closely monitoring the situation and stand firmly with the people of…
— Amit Shah (@AmitShah) August 14, 2025
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला का बयान
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बताया कि उन्होंने गृह मंत्री को किश्तवाड़ की पूरी स्थिति की जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि घटना गंभीर है और प्रभावित इलाके से सही व सत्यापित जानकारी आने में समय लग रहा है। बचाव कार्यों के लिए जम्मू-कश्मीर के अंदर और बाहर से संसाधन जुटाए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वह इस मामले पर किसी टीवी चैनल या समाचार एजेंसी से बात नहीं करेंगे, और सरकार जब भी संभव होगा, आधिकारिक जानकारी साझा करेगी।
घटना कैसे हुई
यह बादल फटने की घटना किश्तवाड़ के चशोती इलाके में गुरुवार को हुई। अचानक आई बाढ़ ने वहां लगे अस्थायी दुकानों और खड़े वाहनों को प्रभावित किया। यह वही जगह है जहां श्री मचैल यात्रा के लिए चार पहिया वाहन खड़े होते हैं। एडीसी किश्तवाड़ ने घोषणा की है कि श्री मचैल यात्रा को अगली सूचना तक रोक दिया गया है।
राहत और बचाव कार्य जारी
स्थानीय पुलिस, प्रशासन, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और अन्य एजेंसियां राहत और बचाव में लगी हैं। एनडीआरएफ ने बताया कि उनके लगभग 180 सदस्य, जो पूरी तरह उपकरणों से लैस हैं, उधमपुर बेस से रवाना किए गए हैं। ये टीमें फंसे लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने और जरूरत का सामान उपलब्ध कराने में मदद कर रही हैं।

