आज हम आपको बताते है भारत के वीर जांबाज के बारे में जिनका नाम बिग्रेडियर राजेन्द्र सिंह था। जिनका जन्म 14 जनवरी, 1899 में जम्मू शहर के बगूना गांव हुआ था और वह भारतीय सेना में एक अधिकारी थे। राजेन्द्र सिंह के पिता सूबेदार लखा सिंह, जो जम्मू-कश्मीर की सेना में नौकरी करते थे और राजेन्द्र सिंह के दादा जी ने भी सेना में अपनी सेवाएँ दी थीं। यहीं से वीरता और बलिदान राजेन्द्र सिंह के खून में आया। उन्हें 14 जून 1921 को जम्मू-कश्मीर सशस्त्र बल में कमीशन मिला। मई 1942 में वह ब्रिगेडियर के पद तक पहुंच गए और 25 सितंबर 1947 को जम्मू-कश्मीर बलों के चीफ ऑफ स्टाफ बन गए।
बिग्रेडियर राजेन्द्र सिंह ने सन 1947 में 3 दिन तक पाकिस्तान द्वारा भेजे गए दुश्मनों को URI में रोक के रखा और वीरगति को प्राप्त हुए। अगर वो नही होते तो कश्मीर भारत का हिस्सा कभी नहीं होता। ब्रिगेडियर राजेन्द्र सिंह को मरणोपरांत देश के ‘महावीर चक्र’ से सम्मानित किया गया। फील्ड मार्शल के. एम. करिअप्पा ने 30 दिसंबर सन 1949 को जम्मू संभाग में बगूना सांबा के इस सपूत की वीर पत्नी रामदेई को सम्मानित किया था। राजेन्द्र सिंह की सहादत को सलाम……।
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