
लेह: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बृहस्पतिवार को कहा कि लद्दाख के युवाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले, नयी प्रौद्योगिकी सीखने के अवसर प्राप्त हों और उन्हें इसके लिए दूसरे शहरों पर निर्भर न रहना पड़े। मोदी ने लद्दाख में हवाई अड्डे के बुनियादी ढांचे और सामरिक सड़क संपर्क से जुड़ी लगभग 3,350 करोड़ रुपये की पांच विकास परियोजनाओं का ऑनलाइन माध्यम से उद्घाटन करते हुए कहा कि जम्मू स्थित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) और भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) के परिसर स्थापित करने के प्रस्तावों को आगे बढ़ाया जा रहा है।
A big day for Ladakh! Projects worth around Rs. 3,350 crore are set to give the region’s development fresh momentum. https://t.co/ADbqwCGmiS
— Narendra Modi (@narendramodi) October 15, 2026
इन शैक्षणिक केंद्रों के माध्यम से लद्दाख के युवा उच्च शिक्षा, अनुसंधान और नए कौशल सीखने के बेहतर अवसरों का लाभ अपने ही क्षेत्र में उठा सकेंगे। प्रधानमंत्री ने कहा, ”हमारा विशेष ध्यान लद्दाख की नयी पीढ़ी पर है। युवाओं को अच्छी शिक्षा मिले, नयी प्रौद्योगिकी सीखने का मौका मिले और उन्हें अन्य शहरों पर निर्भर न रहना पड़े। यही कारण है कि लेह में एक प्रमुख उत्कृष्टता केंद्र स्थापित किया जा रहा है।” उन्होंने कहा कि आज लद्दाख की प्रगति और विकास में एक और अध्याय जुड़ रहा है तथा उन्हें इस अवसर का हिस्सा बनने की बेहद खुशी है।
मोदी ने कहा, ”आज कई महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया गया है। ये परियोजनाएं लद्दाख के लोगों के लिए सफर आसान बनाएंगी, कुछ इलाकों में बिजली की सुविधाओं में सुधार करेंगी, कुछ में पानी की उपलब्धता बढ़ाएंगी और हमारी प्राचीन विरासत के संरक्षण को मजबूत करेंगी।”
अधिकारियों ने बताया कि इन परियोजनाओं में लेह स्थित कुशोक बकुला रिम्पोची हवाई अड्डे पर 640 करोड़ रुपये की लागत से बना नया यात्री टर्मिनल भवन भी शामिल है। उन्होंने बताया कि 23,800 वर्ग मीटर में फैले इस आधुनिक टर्मिनल को प्रति वर्ष 35 लाख यात्रियों की सुविधा के लिए डिजाइन किया गया है।
उन्होंने कहा कि ऊर्जा दक्षता बढ़ाने और कार्बन उत्सर्जन को कम करने के लिए भूतापीय ऊर्जा का उपयोग करते हुए यह टर्मिनल भवन लद्दाख में पर्यावरण की दृष्टि से संवेदनशील वातावरण में टिकाऊ बुनियादी ढांचे के महत्व को दर्शाता है। मोदी ने सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) द्वारा निर्मित 298 किलोमीटर लंबी निम्मू-पदुम-दारचा सड़क, नौ मेगावाट की हनु लघु जलविद्युत परियोजना और 66 किलोवाट की डबल-सर्किट दाह-हनु-खालत्सी ट्रांसमिशन लाइन का भी उद्घाटन किया।
इसके अलावा, प्रधानमंत्री ने लेह में सिंधु घाट में भारत के पहले शैलचित्र संरक्षण पार्क और हिम सरोवर परियोजना के तहत 40 गांवों में विकसित किए गए 40 जलाशयों का भी उद्घाटन किया। उन्होंने कहा, ”मैं इन परियोजनाओं के लिए लद्दाख के सभी लोगों को हार्दिक बधाई देता हूं। मैं इन परियोजनाओं में शामिल रहे सभी इंजीनियरों, श्रमिकों और स्थानीय सहयोगियों को भी बधाई देता हूं। मैं बीआरओ के सहयोगियों की विशेष रूप से सराहना करता हूं।” मोदी ने कहा कि लद्दाख में खेलों की अपार संभावनाएं हैं और केंद्र शासित प्रदेश के युवाओं ने ‘आइस हॉकी’, शीतकालीन खेलों और पर्वतारोहण जैसे क्षेत्रों में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्हें इस बात की खुशी है कि लद्दाख में नयी खेल नीति के माध्यम से खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा, ”हमारा प्रयास यह सुनिश्चित करना है कि युवाओं को बेहतर प्रशिक्षण और सुविधाएं मिलें और वे राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई उपलब्धियां हासिल करें।” प्रधानमंत्री ने कहा कि कुछ समय पहले उन्होंने कुशोक बकुला रिम्पोची हवाई अड्डे के टर्मिनल भवन की आधारशिला रखी थी और यह उनका सौभाग्य है कि आज उन्हें इस महत्वपूर्ण परियोजना का उद्घाटन करने का अवसर मिला।उन्होंने कहा, ”यह भारत का पहला ऐसा हवाई अड्डा टर्मिनल है जो भूतापीय ऊर्जा सुविधाओं से लैस है। हमारा प्रयास पर्यावरण का पूरा ध्यान रखते हुए लद्दाख में आधुनिक बुनियादी ढांचे का विकास करना है।”
मोदी ने कहा कि यह टर्मिनल लद्दाख के पर्यटन क्षेत्र को भी नयी ऊर्जा प्रदान करेगा। मोदी ने सड़क परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि जिस यात्रा में पहले लगभग 12 घंटे लगते थे, वह अब केवल तीन घंटे में पूरी की जा सकती है। उन्होंने कहा, ”इससे न केवल यात्रा के समय की बचत होगी, बल्कि इस मार्ग पर व्यापार और वाणिज्य को भी बड़ा लाभ होगा।”