धर्म डेस्क। गुरुवार को उज्जैन के श्री महाकालेश्वर मंदिर में श्रद्धालुओं की बहुत ज्यादा भीड़ देखने को मिली। सर्दियों की छुट्टियां शुरू हो चुकी हैं, इसलिए दर्शन करने वालों की संख्या काफी बढ़ गई है। आमतौर पर रोजाना लगभग 1.25 लाख लोग मंदिर आते हैं, लेकिन इस दिन यह संख्या बढ़कर करीब 2 लाख तक पहुंच गई। मंदिर प्रबंधन समिति ने पहले से ही अंदाजा लगा लिया था कि छुट्टियों में भक्तों की संख्या ज्यादा रहेगी। इसी कारण पहले से अनेक व्यवस्थाएं बदलकर तैयारियां कर दी गई थीं।
वहीं, दोपहर तक भक्तों की संख्या 1.5 लाख से अधिक थी। इसके बाद शाम तक करीब 2 लाख भक्त पहुंचे। श्री महाकालेश्वर मंदिर समिति के प्रशासक प्रथम कौशिक ने बताया कि सामान्य दिनों की तुलना में पहले ही दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे।
#WATCH | Ujjain, Madhya Pradesh | Bhasma aarti being performed at Mahakaleshwar Temple. pic.twitter.com/wMzK2iQyQn
— ANI (@ANI) December 25, 2025
4 प्रवेश द्वारों से हो रही एंट्री
भीड़ को नियंत्रित करने और लोगों को आसानी से दर्शन कराने के लिए प्रवेश व्यवस्था बदली गई है। अब भक्तों की एंट्री चार मुख्य द्वारों से की जा रही है—
– नीलकंठ द्वार
– शहनाई गेट
– बड़ा गणेश मंदिर द्वार
– त्रिवेणी संग्रहालय द्वार
-साधारण श्रद्धालुओं के लिए एक सुरंग (टनल) से होकर दर्शन की नई व्यवस्था भी शुरू की गई है।
किसे किस गेट से मिलेगा प्रवेश?
-सामान्य दर्शन करने वाले भक्त → त्रिवेणी संग्रहालय द्वार
-250 रुपये का ‘क्विक दर्शन’ टिकट वाले श्रद्धालु → बड़ा गणेश मंदिर के सामने बने निर्गम द्वार से
-उज्जैन के स्थानीय भक्त → शहनाई गेट से
-वीआईपी भक्त → नीलकंठ द्वार से
-भस्म आरती के दर्शन के लिए भी अलग-अलग गेट तय किए गए हैं
-इसके अलावा बड़े गणेश मंदिर के सामने 250 रुपये में क्विक दर्शन काउंटर लगाए गए हैं, ताकि जल्दी दर्शन करने वालों को अलग से सुविधा मिले।
श्रद्धालुओं के लिए अन्य सुविधाएं
मोबाइल, जूते-चप्पल रखने की अलग सुविधा बनाई गई है। व्यवस्थाओं से भीड़ में धक्का-मुक्की कम होगी।
वाहनों की पार्किंग व्यवस्था
भीड़ को ध्यान में रखते हुए पार्किंग की जगह भी बदली गई है। श्रद्धालु अपने वाहन इन जगहों पर पार्क कर सकते हैं—
-हरिफाटक ओवर ब्रिज के सामने मेघदूत पार्किंग
-हरिफाटक ओवर ब्रिज के नीचे
-कर्कराज मंदिर पार्किंग
-भील समाज धर्मशाला के पास
-कलोता समाज धर्मशाला
-कार्तिक मेला ग्राउंड
-इन सभी बदलावों का उद्देश्य है—हर भक्त को सुगमता से और आराम से दर्शन कराना।

