बिहार डेस्क। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) को बड़ा झटका लगा है। पार्टी सिर्फ 25 सीटों पर सिमट गई। नतीजों के तुरंत बाद ही लालू यादव के परिवार में विवाद बढ़ने लगा। वहीं, रोहिणी आचार्य ने बड़ा ऐलान कर दिया है। लालू यादव की छोटी बेटी और तेजस्वी यादव की बहन रोहिणी आचार्य ने एक्स (Twitter) पर एक पोस्ट डालकर राजनीतिक हलचल मचा दी। उन्होंने लिखा- “मैं राजनीति छोड़ रही हूं और अपने परिवार से नाता तोड़ रही हूं। संजय यादव और रमीज ने मुझे ऐसा करने को कहा था और मैं सारा दोष अपने ऊपर ले रही हूं।” उनके इस बयान ने पूरे बिहार की राजनीति में हंगामा खड़ा कर दिया।
I’m quitting politics and I’m disowning my family …
This is what Sanjay Yadav and Rameez had asked me to do …nd I’m taking all the blame’s— Rohini Acharya (@RohiniAcharya2) November 15, 2025
तेज प्रताप पहले ही बागी, अब रोहिणी भी अलग
लालू परिवार और राजद में मतभेद कोई नई बात नहीं है, लेकिन इस बार हालात और बिगड़ते दिखाई दे रहे हैं। चुनाव से पहले ही बड़े बेटे तेज प्रताप यादव पार्टी से अलग हो गए थे।
लालू यादव ने खुद उन्हें RJD से बाहर कर दिया। इसके बाद तेज प्रताप ने अपनी नई पार्टी “जनशक्ति जनता दल” बनाकर राजद के खिलाफ चुनाव लड़ा, लेकिन वह अपनी सीट से हार गए। अब रोहिणी आचार्य का यह कदम दिखाता है कि लालू परिवार की एकता टूट रही है और राजद में सबकुछ ठीक नहीं है।
राजद की लीडरशिप पर सवाल
रोहिणी ने अपने पोस्ट में तेजस्वी यादव के सबसे करीबी और राजद के राज्यसभा सांसद संजय यादव पर गंभीर आरोप लगाए हैं। संजय यादव को RJD की चुनावी रणनीति और प्रबंधन का “मुख्य दिमाग” माना जाता है। अब जब रोहिणी ने उन पर बातों का दबाव बनाने और परिवार से दूर होने की सलाह देने का आरोप लगाया है,
तो पार्टी की नेतृत्व क्षमता पर भी सवाल उठने लगे हैं।
पार्टी दबाव में स्थिति साफ करने की जरूरत
रोहिणी के इस बयान के बाद राजद पर दबाव बढ़ गया है कि वह आंतरिक झगड़े, नेतृत्व की भूमिका, और इन आरोपों पर खुलकर अपनी स्थिति साफ करे। चुनाव में करारी हार के बाद यह विवाद राजद के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।
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