Lalu Prasad Yadav : बिहार विधानसभा चुनावों की तारीखों के ऐलान के साथ ही राज्य की राजनीति गर्मा गई है। इसी बीच राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के प्रमुख लालू प्रसाद यादव, उनकी पत्नी राबड़ी देवी, और बेटे तेजस्वी यादव की कानूनी परेशानियाँ बढ़ गई हैं। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने शुक्रवार को बहुचर्चित IRCTC घोटाला मामले में तीनों समेत सभी 14 आरोपियों के खिलाफ आरोप तय कर दिए हैं।
इसके अलावा, ‘लैंड फॉर जॉब’ (जमीन के बदले नौकरी) घोटाले में भी कोर्ट आज ही अपना फैसला सुना सकती है, जिससे राजद की चुनावी तैयारियों पर सीधा असर पड़ सकता है।
#WATCH | दिल्ली: राजद नेता तेजस्वी यादव राउज़ एवेन्यू कोर्ट से रवाना हुए।
राउज़ एवेन्यू कोर्ट ने IRCTC होटल भ्रष्टाचार मामले में पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव, बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी, राजद नेता तेजस्वी यादव और अन्य के खिलाफ आरोप तय किए। यह मामला रांची और पुरी… pic.twitter.com/vVYonA4EnK
— ANI_HindiNews (@AHindinews) October 13, 2025
IRCTC घोटाला
IRCTC घोटाले में आरोप है कि वर्ष 2004 से 2009 के बीच रेल मंत्री रहते हुए लालू प्रसाद यादव ने रेलवे की सहायक कंपनी IRCTC के दो होटलों (रांची और पुरी) का रखरखाव अनुचित तरीके से एक निजी फर्म को सौंपा।
CBI ने इस मामले में धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश और भ्रष्टाचार की धाराओं में केस दर्ज किया था। कोर्ट में पेशी के दौरान लालू यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहे। कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा, “प्रथम दृष्टया मामले में पर्याप्त साक्ष्य मौजूद हैं, जिससे यह साबित होता है कि सभी आरोपी जवाबदेह हैं।” इस मामले में कुल 14 आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए गए हैं। अब नियमित ट्रायल की प्रक्रिया जल्द शुरू होगी।
लैंड फॉर जॉब केस
‘लैंड फॉर जॉब’ मामले में भी लालू परिवार की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। इस केस में आरोप है कि लालू यादव के रेल मंत्री रहने के दौरान (2004-2009), बिहार के निवासियों को रेलवे की ग्रुप D नौकरियां देने के बदले उनसे या उनके परिजनों से संबंधित कंपनियों के नाम जमीन ट्रांसफर करवाई गई।
CBI का दावा है कि नौकरी पाने वालों ने पटना की कीमती जमीनें लालू परिवार की कंपनियों को बेहद कम कीमत पर दीं। इस घोटाले में भी CBI ने धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश और भ्रष्टाचार की धाराओं में मामला दर्ज किया है। कोर्ट आज इस मामले में आरोप तय करने को लेकर अंतिम आदेश सुना सकती है।

