वायनाड (केरल): केरल के पर्वतीय वायनाड जिले में मंगलवार तड़के कई जगहों पर भारी बारिश के बाद हुईं भूस्खलन की घटनाओं में कम से कम 106 लोगों की मौत हो गई है तथा सैंकड़ों लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका के कारण मृतकों की संख्या बढ़ सकती है। 98 लोग लापता बताए जा रहे हैं। केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने बताया कि वायनाड में भूस्खलन के बाद अब तक 93 शव बरामद हो चुके हैं तथा 128 लोग घायल हुए हैं। उन्होंने बताया कि भूस्खलन में मरने वाले 34 व्यक्तियों के शवों की पहचान की जा चुकी है। मुख्यमंत्री ने बताया कि इनमें से 18 शव मृतकों के परिवारों को सौंप दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के पोथुकल में चलियार नदी से 16 शव मिले हैं, इसके अलावा शवों के टुकड़े भी बरामद किए गए हैं। उन्होंने कहा कि कई लोगों के फंसे होने या बह जाने की आशंका है और हम बचाव कार्य जारी रखेंगे।
लोकसभा में विपक्ष के नेता और वायनाड के पूर्व सांसद राहुल गांधी ने संसद में इससे पहले दिन में कहा था कि भूस्खलन की घटनाओं में 70 से अधिक लोगों की मौत हुई है। भूस्खलन की घटनाएं मंगलवार तड़के हुईं जिससे अपने घरों में सो रहे लोगों को बचने का मौका भी नहीं मिल पाया। भूस्खलन ने तबाही के निशान छोड़े हैं। कई मकान जमींदोज हो गए हैं, नदियां उफान पर हैं और कई पेड़ उखड़ गए हैं। एक वरिष्ठ सरकारी सूत्र के अनुसार, जिले के मेप्पडी के पर्वतीय क्षेत्रों में भारी बारिश के बाद कई भूस्खलन हुए हैं जिससे मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका पैदा हो गई है।
सूत्र ने बताया कि बचाव कर्मियों को नदियों और कीचड़ से लोगों के अंग बरामद हो रहे हैं, इसलिए इस त्रसदी में मारे गए लोगों की सही संख्या का पता लगाना मुश्किल है। सूत्र ने बताया कि यह स्पष्ट नहीं है कि जो अंग मिल रहे हैं, वे एक ही व्यक्ति के हैं या कई व्यक्तियों के हैं। उसने बताया कि मृतकों में कई महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं और उनकी पहचान तथा पोस्टमार्टम के लिए के लिए शवों को विभिन्न अस्पतालों के मुर्दाघरों में ले जाया जा रहा है।
अधिकारियों ने बताया कि भूस्खलन प्रभावित इलाकों में मुंडक्कई, चूरलमाला, अट्टमाला और नूलपुझा गांव शामिल हैं। केरल सरकार ने भूस्खलन में लोगों की मौत के बाद प्रदेश में 2 दिन के राजकीय शोक की घोषणा की है। मुख्यमंत्री विजयन ने कहा कि राज्य सरकार इस घटना से बहुत दुखी है जिसमें कई लोगों की जान चली गई है और संपत्ति को बड़े पैमाने पर नुक्सान पहुंचा है। मुख्य सचिव वी. वेनू द्वारा जारी एक आधिकारिक अधिसूचना में 30 और 31 जुलाई को राजकीय शोक घोषित किया गया है। प्रोटोकॉल के अनुसार, इन 2 दिनों में राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा और सभी सरकारी कार्यक्रमों को रद्द किया जाएगा।
टैलीविजन चैनलों ने कई लोगों की फोन पर बातचीत प्रसारित की जिसमें वे रो रहे थे और किसी से आकर उन्हें बचाने का अनुरोध कर रहे थे, क्योंकि वे या तो अपने घरों में फंस गए या पुलों के बह जाने तथा सड़कों के जलमग्न होने के कारण उनके पास वहां से निकलने का कोई रास्ता नहीं बचा है। भूस्खलन में घायल हुए कई लोगों को विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। केरल के मुख्यमंत्री कार्यालय ने एक बयान में बताया कि पिनराई विजयन के विशेष कार्य अधिकारी (ओएसडी) काíतकेयन को बचाव अभियानों के साथ समन्वय करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसमें कहा गया है कि इस संबंध में स्थानीय स्वशासन विभाग के प्रधान निदेशक वी. संबाशिव राव को विशेष अधिकारी नियुक्त किया गया है। वह वायनाड से काम करेंगे।

