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भारत–EU के बीच सबसे बड़ा फ्री ट्रेड समझौता, पीएम मोदी बोले- यह साझा समृद्धि का नया रोडमैप

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नई दिल्ली: भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच करीब 20 साल से चल रही बातचीत के बाद आखिरकार ऐतिहासिक फ्री ट्रेड समझौते (FTA) पर सहमति बन गई है। मंगलवार को दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूरोपीय संघ के शीर्ष नेताओं की मौजूदगी में इस समझौते का औपचारिक ऐलान किया गया।

यह साझा समृद्धि का नया रोडमैप- प्रधानमंत्री मोदी

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह भारत के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा फ्री ट्रेड एग्रीमेंट है। उन्होंने बताया कि आज की तारीख भी खास है, क्योंकि 27 तारीख को ही भारत ने यूरोपीय संघ के सभी 27 देशों के साथ यह समझौता किया है। पीएम मोदी ने इसे “साझा समृद्धि का ब्लू प्रिंट” बताते हुए कहा कि इससे भारत और यूरोप दोनों को लंबी अवधि में बड़ा फायदा होगा। प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रधानमंत्री ने कहा कि इस समझौते से व्यापार के साथ-साथ समुद्री सुरक्षा, साइबर सिक्योरिटी, आतंकवाद के खिलाफ सहयोग और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में साझेदारी मजबूत होगी। उन्होंने बताया कि भारत और EU की डिफेंस कंपनियां अब साझा विकास और उत्पादन के नए विकल्प तलाशेंगी।

 

दोनों पक्ष मिलकर IMEA कॉरिडोर को आगे बढ़ाएंगे

पीएम मोदी ने कहा कि यह समझौता लोगों के बीच संपर्क (People-to-People Ties) को भी गहरा करेगा और भारत-EU सहयोग एक मजबूत वैश्विक मॉडल बनेगा। उन्होंने यह भी कहा कि दोनों पक्ष मिलकर IMEA कॉरिडोर को आगे बढ़ाएंगे। बदलते वैश्विक हालात का ज़िक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं में सुधार की ज़रूरत पर भी जोर दिया और कहा कि आज से भारत-EU संबंधों में एक नया युग शुरू हो रहा है।इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने हैदराबाद हाउस में यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की बातचीत की। इस दौरान व्यापार और निवेश से जुड़े कई अहम फैसले लिए गए।

भारत दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ने वाली बड़ी इकॉनमी- एंटोनियो

यूरोपियन काउंसिल के रेजिडेंट, एंटोनियो लुइस सैंटोस दा कोस्टा ने कहा, “भारत दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ने वाली बड़ी इकॉनमी है। हमारे दोनों कॉन्टिनेंट्स के बीच सदियों से ट्रेड होता रहा है। ट्रेड एक ज़रूरी जियोपॉलिटिकल स्टेबलाइज़र और इकॉनमिक ग्रोथ का बुनियादी सोर्स है। ट्रेड एग्रीमेंट नियमों पर आधारित इकॉनमिक ऑर्डर को मजबूत करते हैं और शेयर्ड प्रॉस्पेरिटी को बढ़ावा देते हैं। इसीलिए आज का फ्री ट्रेड एग्रीमेंट हिस्टोरिक इंपॉर्टेंस रखता है। यह अब तक के सबसे एम्बिशियस एग्रीमेंट्स में से एक है, जो 2 बिलियन लोगों का मार्केट बनाता है।”


एंटोनियो लुइस ने कहा, “दुनिया की सबसे बड़ी डेमोक्रेसी और मल्टीलेटरलिज़्म के चैंपियन होने के नाते, यूरोपियन यूनियन और भारत की यह ज़िम्मेदारी है कि वे यूनाइटेड नेशंस चार्टर को ध्यान में रखते हुए इंटरनेशनल लॉ को बनाए रखें। आज सुबह, प्रेसिडेंट उर्सुला और मुझे महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देने का मौका मिला। मैंने उनके शब्दों पर सोचा, जो आज भी सच हैं। और मैंने कहा, शांति हथियारों की टक्कर से नहीं आएगी, बल्कि मुश्किलों का सामना करते हुए बिना हथियार वाले देशों द्वारा जिए और किए गए इंसाफ़ से आएगी।”

यूरोपियन आयोग की प्रेसिडेंट उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने कहा, “यह इंडियन स्किल्स, सर्विसेज़ और स्केल को यूरोपियन टेक्नोलॉजी, कैपिटल और इनोवेशन के साथ लाता है। यह ग्रोथ का ऐसा लेवल बनाएगा जिसे कोई भी साइड अकेले हासिल नहीं कर सकती। अपनी ताकतों को मिलाकर, हम ऐसे समय में स्ट्रेटेजिक डिपेंडेंसी कम करते हैं जब ट्रेड तेज़ी से हथियार बनता जा रहा है।”

 

शानदार मेहमाननवाजी के लिए शुक्रिया

उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने कहा, “हमें जो शानदार मेहमाननवाज़ी मिली, उसके लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद। कल रिपब्लिक डे पर आपके चीफ गेस्ट बनना हमारे लिए बहुत सम्मान की बात थी। यह एक ऐसी याद है जिसे मैं ज़िंदगी भर अपने साथ रखूंगी क्योंकि एकता की भावना बहुत मज़बूत थी। लोग सड़कों पर उमड़ पड़े, भारतीय राष्ट्र से जुड़े होने के गर्व और खुशी में एकजुट थे और यह सही भी है। इंडिया आगे बढ़ा है, और यूरोप सच में इससे खुश है क्योंकि जब इंडिया सफल होता है, तो दुनिया ज़्यादा स्टेबल, ज़्यादा खुशहाल और ज़्यादा सुरक्षित होती है, और हम सभी को फ़ायदा होता है।”

उर्सुला ने इस समझौते को “इतिहास रचने वाला कदम” बताया

इससे पहले यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने इस समझौते को “इतिहास रचने वाला कदम” बताया। उन्होंने कहा कि यह डील भारत और यूरोपीय संघ के करीब दो अरब लोगों के बाजार को आपस में जोड़ेगी, जिससे व्यापार और निवेश में बड़ी बढ़ोतरी होगी। उनके मुताबिक, यह समझौता करीब दो दशकों की बातचीत के बाद संभव हो पाया है।

97 प्रतिशत सामानों पर खत्म होगा टैरिफ

इस फ्री ट्रेड डील के तहत करीब 97 प्रतिशत सामानों पर टैरिफ (आयात शुल्क) कम या पूरी तरह खत्म कर दिया जाएगा। इससे यूरोपीय निर्यातकों को हर साल लगभग 4.75 अरब डॉलर की ड्यूटी में राहत मिलेगी। कारों पर टैरिफ धीरे-धीरे 110 प्रतिशत से घटाकर 10 प्रतिशत तक किया जाएगा। वाइन पर ड्यूटी 150 प्रतिशत से घटकर करीब 20 प्रतिशत रह जाएगी। वहीं, पास्ता, चॉकलेट और अन्य प्रोसेस्ड फूड्स पर लगने वाला 50 प्रतिशत टैरिफ पूरी तरह खत्म हो जाएगा। कुल मिलाकर, यह समझौता भारत के वैश्विक व्यापार को नई रफ्तार देने वाला माना जा रहा है और आने वाले वर्षों में अर्थव्यवस्था, निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा करेगा।

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