नई दिल्ली: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इंद्रप्रस्थ बस डिपो से 300 नई विद्युत बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसके साथ ही नानकसर से गाजियाबाद तक नई अंतरराज्यीय बस सेवा का शुभारंभ किया गया और दिल्ली परिवहन निगम के बहुमंजिला कार्यालय भवन का शिलान्यास भी किया गया। इस अवसर पर 12,877 लाभार्थियों के खातों में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण के माध्यम से 24 करोड़ रुपये से अधिक की प्रोत्साहन राशि भी भेजी गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य दिल्ली में स्वच्छ, सुरक्षित और भविष्य के लिए तैयार सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था विकसित करना है। उन्होंने बताया कि इन नई बसों के शामिल होने से राजधानी का बस बेड़ा 6,100 से अधिक हो गया है और विद्युत बसों की संख्या लगातार बढ़ाई जा रही है।
ये बसें वातानुकूलित, निम्न तल वाली तथा सुरक्षा और सुविधा से युक्त हैं, जिनमें निगरानी यंत्र, आपात संकेत बटन और त्वरित जानकारी प्रणाली जैसी व्यवस्थाएं मौजूद हैं। नानकसर से गाजियाबाद तक शुरू की गई नई बस सेवा लगभग 21 किलोमीटर मार्ग पर संचालित होगी, जिससे दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों के यात्रियों को सुलभ और किफायती आवागमन का विकल्प मिलेगा। यह सेवा प्रमुख मार्गों और क्षेत्रों को जोड़ते हुए प्रतिदिन कई फेरों में संचालित की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि परिवहन तंत्र को सुदृढ़ करने के लिए बस डिपो के आधुनिकीकरण, अंतरराज्यीय बस अड्डों के पुनर्विकास, प्रदूषण जांच व्यवस्था को मजबूत करने और परीक्षण केंद्रों की स्थापना जैसे कई कदम उठाए गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पूर्व सरकारों की वित्तीय देनदारियों को वर्तमान सरकार द्वारा जिम्मेदारीपूर्वक पूरा किया जा रहा है और दिल्ली परिवहन निगम अब धीरे-धीरे आर्थिक संतुलन की ओर बढ़ रहा है।
इस अवसर पर परिवहन मंत्री पंकज कुमार सिंह ने कहा कि यह पहलें राजधानी को आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल परिवहन प्रणाली देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। उन्होंने बताया कि सरकार का उद्देश्य नागरिकों को बेहतर, सुरक्षित और सुलभ परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना है।