जम्मू/श्रीनगर LG Manoj Sinha: जम्मू- कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने शनिवार को कहा कि सरकार और सुरक्षा बल अपना काम कर रहे हैं, लेकिन आतंकवाद का खात्मा केंद्र शासित प्रदेश के लोगों की भी जिम्मेदारी है। यहां एक कार्यक्र म में बोलते हुए, सिन्हा ने कहा कि देश भर में आतंकवाद में काफी कमी आई है और अब यह बहुत कम इलाकों तक सीमति है। उन्होंने कहा, देश के अन्य हिस्सों में भी आतंकवाद कम हुआ है। पूर्वोत्तर अब काफी हद तक आतंक मुक्त है। वामपंथी उग्रवाद या नक्सलवाद अब कुछ जिलों तक ही सीमति है और मुझे यकीन है कि अगले कुछ महीनों में देश से इसका सफाया हो जाएगा।
उपराज्यपाल ने कहा कि कर्नाटक, केरल और खासकर जम्मू-कश्मीर के कुछ इलाके लंबे समय से आतंकवाद से प्रभावित हैं और आतंकवाद का सफाया ज़रूरी है। उन्होंने आगे कहा,यह विकास और रोजगार के अवसर पैदा करने में सबसे बड़ी बाधा है। सुरक्षा बल और प्रशासन अपना काम कर रहे हैं, लेकिन जम्मू-कश्मीर के लोगों की भी ज़िम्मेदारी है। उन्हें जानबूझकर या अनजाने में ऐसी किसी भी गतिविधि में शामिल नहीं होना चाहिए जिससे ऐसी गतिविधियों में वृद्धि हो। इससे बहुत सारी समस्याएं पैदा होती हैं। जम्मू- कश्मीर में हालात में काफी सुधार होने का दावा करते हुए सिन्हा ने कहा कि सड़कों पर हिंसा और पथराव अब बीते जमाने की बात हो गई है। उन्होंने कहा,स्कूल, कॉलेज और व्यवसाय देश के दूसरे हिस्सों की तरह ही काम कर रहे हैं।
किसी भी बड़े आतंकी संगठन का कोई भी शीर्ष कमांडर अब जिंदा नहीं है। इस साल अब तक आतंकी संगठनों में सिर्फ एक स्थानीय भर्ती हुई है। आतंकी गतिविधियों को पाकिस्तान के समर्थन का जिक्र करते हुए जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल ने कहा कि जहां कई मानकों पर सफलता मिली है, वहीं दुर्भाग्य से हमारा एक ऐसा पड़ोसी है जो हमेशा कोई न कोई शरारत करता रहता है। उन्होंने कहा, बंटवारे के बाद देश के निर्माण पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय, पाकिस्तान ने देश पर हमला किया, उसने बंटवारे के तुरंत बाद जम्मू-कश्मीर पर हमला किया। उन्होंने चार सीधे युद्ध लड़े और हार गए। वे समझ गए हैं कि वे भारत से सीधा युद्ध नहीं जीत सकते।
इसलिए, वे लोगों को कट्टरपंथी बनाकर छद्म युद्ध में लिप्त हैं। हिंसा की मानवीय कीमत की ओर इशारा करते हुए, सिन्हा ने कहा कि आतंकवाद में 40,000 से ज़्यादा लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। उन्होंने आगे कहा, यह कब तक चलता रहेगा? इसे रोकना सरकार और सुरक्षा बलों का कर्तव्य है, लेकिन यह जनता की भी ज़िम्मेदारी है। इसलिए, जनता को इसे रोकने के लिए आगे आना चाहिए। किसी का नाम लिए बिना, सिन्हा ने कहा कि कुछ लोग आतंकी संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) जैसे बयान देते हैं। अगर टीआरएफ के सोशल मीडिया पोस्ट में वही बातें कही जा रही हैं जो हम अपने बयानों में कहते हैं, तो यह निश्चित रूप से खतरनाक है।

