Site icon Dainik Savera Times

देश के वीरों के लिए बड़ा फैसला: वीरता पदक विजेताओं को जीवनभर रेल यात्रा की सुविधा

Lifelong rail travel

Lifelong rail travel

Lifelong rail travel: सेना पदक, नौसेना पदक और वायु सेना पदक (वीरता) से सम्मानित सैनिकों को भारतीय रेल में आजीवन यात्रा की सुविधा प्रदान की जाएगी। इस सुविधा का लाभ वीरता पुरस्कार विजेताओं के जीवनसाथी को भी मिलेगा। विधवा या विधुर के मामले में यह सुविधा पुनर्विवाह तक जारी रहेगी।

देश की रक्षा के लिए अदम्य साहस, वीरता और बलिदान का परिचय देने वाले सैनिकों तथा उनके परिवारों के सम्मान में रक्षा मंत्रालय ने इस महत्वपूर्ण पहल को मंजूरी दी है। सेना के मुताबिक इस पहल के दायरे में उन सैनिकों के माता-पिता को भी शामिल किया गया है, जिन्हें अविवाहित होने की स्थिति में मरणोपरांत वीरता पुरस्कार प्रदान किया गया है। पात्र लाभार्थी भारतीय रेल की प्रथम श्रेणी, द्वितीय वातानुकूलित श्रेणी और एसी चेयर कार में यात्रा कर सकेंगे।

ये भी पढ़ें- कश्मीर के IGP की स्टूडेंट्स से अपील, कहा- अपने माता-पिता और टीचरों पर भरोसा करें, आसान सुखों को नकारें

 

डिजिटल व कागज रहित होगी पूरी प्रक्रिया
रक्षा मंत्रालय ने इस सुविधा को सरल और सुविधाजनक तरीके से उपलब्ध कराने के लिए पूरी प्रक्रिया को डिजिटल व कागज रहित बनाया है। पात्र लाभार्थियों को इसके लिए ऑनलाइन पंजीकरण करना होगा। पंजीकरण भारतीय रेलवे रियायत कार्ड पोर्टल पर किया जा सकेगा। सत्यापन और प्रमाणीकरण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद पात्र लाभार्थियों के लिए इलेक्ट्रॉनिक यात्रा पास ऑनलाइन जारी किए जाएंगे। इसके बाद इन इलेक्ट्रॉनिक पास के आधार पर टिकट बुक करने की सुविधा एक नवंबर 2026 से भारतीय रेलवे के के वेब पोर्टल के माध्यम से शुरू होगी।

अनावश्यक औपचारिकताओं से राहत
डिजिटल व्यवस्था से लाभार्थियों को यात्रा सुविधा प्राप्त करने के लिए कागजी प्रक्रिया और अनावश्यक औपचारिकताओं से राहत मिलेगी। रक्षा मंत्रालय की यह पहल सैनिकों और उनके परिवारों के कल्याण तथा सम्मान के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। दरअसल वीरता पुरस्कार पाने वाले सैनिकों ने देश की सुरक्षा के लिए असाधारण साहस का प्रदर्शन किया है। कई सैनिकों ने कर्तव्य निभाते हुए सर्वोच्च बलिदान भी दिया। ऐसे में उनके परिवारों की भूमिका और त्याग भी महत्वपूर्ण है।

ये भी पढ़ें- Bigg Boss 20: कुकिंग विवाद पर आम्रपाली दुबे के खिलाफ भड़कीं माही विज, बोलीं- ‘भोजपुरी के लोग थूकते होंगे…’

 

वीरता पुरस्कार विजेताओं का सम्मान
रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि यह सुविधा केवल रेल यात्रा में मिलने वाली रियायत के रूप में नहीं देखी जा रही है। इसका उद्देश्य उन सैनिकों के साहस, बलिदान और सेवा के प्रति सम्मान व्यक्त करना है, जिन्होंने राष्ट्र की रक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। साथ ही, यह उन परिवारों के प्रति भी सम्मान का भाव प्रकट करती है, जिन्होंने हर कठिन परिस्थिति में अपने सैनिकों का साथ दिया। वहीं डिजिटल व्यवस्था से पात्र वीरता पुरस्कार विजेताओं और उनके परिवारों के लिए इस सुविधा का लाभ लेना अधिक आसान होगा।

ऑनलाइन पंजीकरण की सुविधा
ऑनलाइन पंजीकरण, सत्यापन और इलेक्ट्रॉनिक पास की व्यवस्था के कारण पूरी प्रक्रिया अधिक सुगम और पारदर्शी बनेगी। रक्षा मंत्रालय की इस पहल के जरिए वीर सैनिकों और उनके परिवारों को यह संदेश भी दिया गया है कि राष्ट्र उनके साहस, सेवा और त्याग को सम्मान के साथ याद करता है। यह कदम सैनिकों के कल्याण के साथ-साथ उनके परिवारों की गरिमा और सम्मान को भी महत्व देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।

Exit mobile version