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लोकसभा में ऑपरेशन सिन्दूर पर बहस का आज दूसरा दिन, राज्यसभा में भी मचेगा घमासान!

Loksabha Debate

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Loksabha Debate : सोमवार से शुरू हुई लोकसभा में ऑपरेशन सिंदूर और पहलगाम हमले पर चर्चा मंगलवार को भी जारी रहेगी । इस दौरान सरकार और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिल रही है। जहां सत्ता पक्ष इस ऑपरेशन को भारत की सुरक्षा में एक महत्वपूर्ण कदम मान रहा है, वहीं विपक्ष इसे लेकर सवाल उठा रहा है। इस चर्चा के बीच गृह मंत्री अमित शाह आज लोकसभा में भाषण देंगे, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शाम को अपने समापन भाषण में सरकार के दृष्टिकोण को स्पष्ट करेंगे।

लोकसभा में जारी है बहस
सोमवार को लोकसभा में पहलगाम में हुए हालिया आतंकवादी हमले के जवाब में शुरू किए गए ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा का प्रारंभ हुआ। इस ऑपरेशन को भारत सरकार ने आतंकवादियों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई के रूप में पेश किया है। चर्चा के दौरान कई सांसदों ने इस ऑपरेशन को लेकर सरकार के दृष्टिकोण और रणनीति पर सवाल उठाए। वहीं, सत्ता पक्ष ने इस ऑपरेशन को राष्ट्रीय सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताते हुए विपक्ष के आरोपों का जोरदार जवाब दिया।

सूत्रों के अनुसार, आज गृह मंत्री अमित शाह दोपहर 12:00 से 1:00 बजे के बीच लोकसभा में चर्चा में भाग लेंगे। वे विपक्ष द्वारा उठाए गए सवालों का जवाब देंगे और सरकार की रणनीति को स्पष्ट करेंगे। चर्चा के बाद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शाम को समापन भाषण देंगे, जिसमें वे सरकार के दृष्टिकोण को संक्षेप में पेश करेंगे और देशवासियों को शांति और सुरक्षा की ओर सरकार के प्रयासों के बारे में आश्वस्त करेंगे।

राज्यसभा में भी शुरू हुई चर्चा
राज्यसभा में भी आज से पहलगाम हमले और ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा की शुरुआत हुई है। इस चर्चा के लिए कुल 16 घंटों का समय आवंटित किया गया है, जिसमें से कांग्रेस को लगभग दो घंटे का समय दिया गया है। कांग्रेस की ओर से मल्लिकार्जुन खरगे राज्यसभा में इस बहस की शुरुआत करेंगे और सरकार के रुख पर सवाल उठाएंगे। वहीं, सत्ता पक्ष ने ऑपरेशन सिंदूर को आतंकवाद के खिलाफ एक निर्णायक कदम बताते हुए इसे पूरी तरह से सही ठहराया है।

सरकार का पक्ष
सत्ता पक्ष के अनुसार, ऑपरेशन सिंदूर एक सटीक और प्रभावी जवाब है जो भारत की सीमाओं पर बढ़ते आतंकवादी खतरे को रोकने के लिए उठाया गया है। सरकार का कहना है कि यह ऑपरेशन राष्ट्रीय सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए किया गया है और इसे देशवासियों के हित में सर्वोत्तम निर्णय बताया गया है।

विपक्ष का रुख
विपक्ष ने इस ऑपरेशन के बारे में कई सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि सरकार को इस ऑपरेशन की सफलता के बारे में अधिक स्पष्टता देनी चाहिए, और यह भी पूछा है कि क्या यह कार्रवाई आतंकवाद को रोकने में प्रभावी साबित हो रही है। विपक्षी दलों का यह भी कहना है कि सरकार केवल ऑपरेशन की तारीफ कर रही है, लेकिन इसके परिणामों और वास्तविक प्रभावों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।

 

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