LPG gas: अमेरिका ईरान के बीच जारी जंग ने दुनिया भर में ईंधन और गैस का संकट खड़ा कर दिया है। इसी के चलते आने वाले कुछ दिनों में 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू गैस सिलेंडर में अब मात्र 10 किलोग्राम LPG गैस भरी जाएगी। युद्ध के कारण आए इस संकट के कारण ऑयल कंपनियां अधिक से अधिक उपभोक्ताओं तक LPG की पहुंच बनाए रखने के लिए ये कदम उठाने की तैयारी में है।
एक रिपोर्ट के अनुसार अगर इस योजना पर अमल किया जाता है तो इससे बचने वाली गैस ज्यादा से ज्यादा घरों तक पहुंचेगी। योजना के लागू होने के बाद सिलेंडरों पर वजन की जानकारी सही करने के लिए नए स्टिकर भी लगाए जाएंगे। इससे कीमतों में वजन के हिसाब से राहत मिलने की उम्मीद है। लेकिन इसके लिए ऑयल कंपनियों को प्लांट्स में व्यापक तकनीकी बदलाव करने के साथ-साथ कई तरह की मंजूरियां भी लेनी पड़ेंगी।
सप्लाई का दबाव बढ़ा
सप्लाई बाधित होने से खाड़ी देशों से नई शिपमेंट नहीं पहुंच रही है। इससे यह संकट और गहराता जा रहा है। बीते हफ्ते होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर 2 जहाज लगभग 92,700 टन LPG लेकर भारत पहुंचे थे। लेकिन कमर्शियल उपभोक्ताओं की सप्लाई बहाल करने के बाद कंपनियों पर दबाव और बढ़ गया है।
17% की गिरावट दर्ज
पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार देश भर में LPG की सप्लाई नियमित है लेकिन फिर भी संरक्षण जरूरी है। एक रिपोर्ट के अनुसार देश भर में एक दिन में 93,500 टन एलपीजी की खपत है। इसमें 80,400 टन घरेलू खपत है। एक रिपोर्ट के अनुसार देश भर में होने वाली खपत में 17% की गिरावट नोट की गई है। भारत में इस्तेमाल की जाने वाली एलपीजी का 90% खाड़ी देशों से आयात की जाती थी, जो कि युद्ध के बाद से बंद हो गई है।
गहरा सकता है संकट
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने धमकी देते हुए कहा है की अगर होर्मुज जलडमरूमध्य बंद रहता है तो ईरान के ऊर्जा ठिकानों पर हमला किया जाएगा। खाड़ी देशों से आने वाले टैंकर फिलहाल पर्शियन गल्फ में फंसे हुए है। यदि युद्ध और खिंचता है तो देश में घरेलू गैस का संकट गहरा सकता है।

