नई दिल्ली: बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने गुरुवार को भारतीय जनता पार्टी पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को “हाईजैक” करने का आरोप लगाया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि नीतीश कुमार को दूल्हा बनाकर घोड़े पर तो चढ़ा दिया गया है, लेकिन शादी के फेरे किसी और के साथ कराए जा रहे हैं। पटना में पत्रकारों से बातचीत के दौरान तेजस्वी यादव ने कहा कि उन्होंने पहले ही दावा किया था कि भाजपा चुनाव के बाद नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री पद पर नहीं रहने देगी। अब उनकी बात सच साबित हो रही है।
तेजस्वी यादव ने कहा, “मैंने हमेशा कहा है कि नीतीश जी को घोड़े पर चढ़ा दिया गया है, उन्हें दूल्हा बना दिया गया है, लेकिन फेरे किसी और के साथ कराए जा रहे हैं। भाजपा ने नीतीश कुमार को पूरी तरह अपने कब्जे में ले लिया है।” उन्होंने यह भी कहा कि जब 2024 में नीतीश कुमार ने महागठबंधन छोड़कर फिर से NDA का साथ दिया था, तब भी उन्होंने चेतावनी दी थी कि भाजपा धीरे-धीरे जेडीयू को खत्म कर देगी।
राज्यसभा जाने की चर्चा के बीच बयान
तेजस्वी यादव का यह बयान ऐसे समय आया है जब यह चर्चा चल रही है कि नीतीश कुमार राज्यसभा जाना चाहते हैं। इसको लेकर विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है और इसे बिहार की राजनीति में संभावित बदलाव से जोड़कर देखा जा रहा है।
नीतीश कुमार का राजनीतिक सफर
नीतीश कुमार बिहार के सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने वाले नेताओं में से एक हैं। उन्होंने 2025 के विधानसभा चुनाव में एनडीए की जीत के बाद दसवीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। उस चुनाव में एनडीए को दो-तिहाई बहुमत मिला था।
नीतीश कुमार ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत जनता दल से की थी और 1985 में पहली बार विधायक बने। बाद में उन्होंने George Fernandes के साथ मिलकर 1994 में समता पार्टी बनाई। 1996 में वे लोकसभा के लिए चुने गए और अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में केंद्रीय मंत्री भी रहे।
नीतीश कुमार ने कितनी बार गठबंधन बदला?
2005 में NDA ने बिहार में बहुमत हासिल किया और नीतीश कुमार मुख्यमंत्री बने। इसके बाद उन्होंने कई बार गठबंधन बदले साल 2013 में BJP से अलग होकर RJD और कांग्रेस के साथ गठबंधन, साल 2015 में महागठबंधन के साथ चुनाव जीतकर फिर मुख्यमंत्री बने, साल 2017 में RJD से अलग होकर NDA में वापसी फिर 2022 में NDA छोड़कर फिर महागठबंधन में शामिल और जनवरी 2024 में महागठबंधन से अलग होकर दोबारा NDA में शामिल। इसके बाद उन्होंने भाजपा के साथ मिलकर 2025 का चुनाव जीता और फिर मुख्यमंत्री बने। अब राज्यसभा जाने की चर्चाओं के बीच तेजस्वी यादव का यह बयान बिहार की राजनीति में नई बहस को जन्म दे रहा है।

