Last Updated: October 17, 2026

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धार की भोजशाला पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: मुस्लिम पक्ष को नमाज के लिए अलग खुली जगह देने का आदेश

July 14, 2026

धार की भोजशाला पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: मुस्लिम पक्ष को नमाज के लिए अलग खुली जगह देने का आदेश

नेशनल डेस्कः मध्य प्रदेश के धार जिले में स्थित भोजशाला परिसर को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने अहम अंतरिम आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा है कि फिलहाल भोजशाला परिसर के अंदर शुक्रवार की नमाज की अनुमति नहीं होगी। हालांकि, मुस्लिम पक्ष को शुक्रवार को दोपहर 1 बजे से 3 बजे के बीच नमाज अदा करने के लिए परिसर के पास एक अलग खुली जगह उपलब्ध कराई जाएगी।

सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि वह ऐसी जगह की व्यवस्था करे, जहां नमाज शांतिपूर्ण तरीके से अदा की जा सके। कोर्ट ने यह भी कहा कि इस व्यवस्था के दौरान दोनों पक्षों के अधिकारों का ध्यान रखा जाए और किसी भी तरह की कानून-व्यवस्था की समस्या पैदा न हो।

मुस्लिम पक्ष की याचिका पर नोटिस जारी
यह मामला मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ मुस्लिम पक्ष द्वारा दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में पहुंचा है। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI), हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस और अन्य हिंदू पक्षकारों को नोटिस जारी कर उनका जवाब मांगा है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मामले की अगली सुनवाई लगभग तीन सप्ताह बाद होगी। तब तक अंतरिम व्यवस्था लागू रहेगी।

सुप्रीम कोर्ट के मुख्य निर्देश

सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कई महत्वपूर्ण बातें स्पष्ट की हैं।

-परिसर के अंदर नमाज पर रोक जारी रहेगी
कोर्ट ने कहा कि फिलहाल भोजशाला परिसर के भीतर शुक्रवार को नमाज अदा करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। यह रोक अगली सुनवाई तक जारी रहेगी।

-हाई कोर्ट के फैसले पर फिलहाल रोक नहीं
सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के फैसले पर तुरंत रोक लगाने से इनकार कर दिया। यानी हाई कोर्ट का फैसला फिलहाल प्रभावी रहेगा।

-नमाज के लिए अलग खुली जगह मिलेगी
कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि हर शुक्रवार दोपहर 1 बजे से 3 बजे के बीच मुस्लिम पक्ष को भोजशाला परिसर के पास एक अलग खुली जगह उपलब्ध कराई जाए, ताकि वहां नमाज अदा की जा सके।

-ASI कोई संरचनात्मक बदलाव नहीं करेगा
सुप्रीम कोर्ट ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) को निर्देश दिया कि अदालत की पूर्व अनुमति के बिना भोजशाला परिसर में किसी भी तरह का निर्माण, तोड़फोड़ या संरचनात्मक बदलाव नहीं किया जाएगा।

-कानून-व्यवस्था बनाए रखने पर जोर
कोर्ट ने कहा कि इस संवेदनशील मामले में ऐसा कोई कदम नहीं उठाया जाना चाहिए, जिससे तनाव बढ़े या कानून-व्यवस्था प्रभावित हो।

-दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील
सुप्रीम कोर्ट ने हिंदू और मुस्लिम दोनों पक्षों से अपील की कि वे मामले की संवेदनशीलता को समझते हुए शांति और संयम बनाए रखें।

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने क्या फैसला दिया था
इससे पहले 15 मई को मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि धार स्थित विवादित भोजशाला-कमाल मौला मस्जिद परिसर देवी सरस्वती को समर्पित एक मंदिर है।

हाई कोर्ट ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के 7 अप्रैल 2003 के उस आदेश को भी रद्द कर दिया था, जिसमें मुस्लिम समुदाय को हर शुक्रवार इस परिसर में नमाज अदा करने की अनुमति दी गई थी।

अब आगे क्या होगा
सुप्रीम कोर्ट ने सभी संबंधित पक्षों से जवाब मांगा है और मामले की अगली सुनवाई तीन सप्ताह बाद होगी। तब तक मुस्लिम पक्ष को शुक्रवार के दिन परिसर के पास निर्धारित खुली जगह पर दोपहर 1 बजे से 3 बजे के बीच नमाज अदा करने की अनुमति रहेगी, जबकि भोजशाला परिसर के अंदर नमाज पर रोक जारी रहेगी। साथ ही, ASI को बिना अदालत की अनुमति के परिसर में किसी भी प्रकार का संरचनात्मक बदलाव करने की अनुमति नहीं होगी।

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