
Maha Shivratri 2026: अगर आपकी शादी होने में कई परेशानियां आ रही हैं तो महाशिवरात्रि आपके लिए एक शुभ अवसर है। इस दिन शिवजी की विधिपूर्ण पूजा-अर्चना करने से वे अपनी कृपा से इच्छाएं पूरी करते हैं। भगवान शिव बहुत ही भोले और दयालु हैं। विशेष रूप से कुंवारी कन्याओं के लिए यह दिन बहुत शुभ माना जाता है। यदि वे इस विधि से शिवजी की पूजा करें तो मनचाहा जीवनसाथी और सुखी दांपत्य जीवन प्राप्त हो सकता है।
महाशिवरात्रि पूजा कैसे करें
उठें और स्नान करें
सबसे पहले ब्रह्म मुहूर्त (सुबह जल्दी) उठकर स्नान कर लें।
स्नान के बाद व्रत का संकल्प लें।
शुभ वस्त्र पहनें
आज शुभ रंग वाले कपड़े पहनें।
काला या ग्रे रंग के कपड़े न पहनें।
पूजा स्थल को साफ़ करें
घर के पूजा घर या मंदिर को साफ़ करें।
गंगाजल छिड़ककर जगह को पवित्र कर लें।

शिवलिंग की स्थापना
एक शुद्ध बर्तन में शिवलिंग रखें। अब उस पर गंगाजल, दूध, दही, शहद से धीरे-धीरे जलाभिषेक करें।
पूजा सामग्री चढ़ाएं
जलाभिषेक के बाद शिवलिंग पर चंदन लगाएं, बेलपत्र, फूल, धतूरा आदि चढ़ाएं, धूप-दीप जलाएं।
माता पार्वती को अर्पण
माता पार्वती को सुहाग सामग्री अर्पित करें। फिर भगवान शिव और माता पार्वती को भोग लगाएं, जैसे खीर, मिठाई, मिश्री, बेर।
मंत्र और आरती
अब शांत मन से करें शिव चालीसा का पाठ
-शिव मंत्रों का जाप
-भगवान शिव की आरती
-पूजा के अंत में हाथ जोड़कर प्रार्थना करें।
पारण (व्रत खोलना)
-व्रत का पारण अगले दिन ही करें।
महाशिवरात्रि 2026 की तिथि
-फाल्गुन माह की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि
-शुरू: 15 फरवरी 2026 शाम 5:04 समाप्त: 16 फरवरी 2026 शाम 5:24
-महाशिवरात्रि 15 फरवरी 2026 को मनाई जाएगी।
पूजा का शुभ समय (2026)
महाशिवरात्रि की पूजा मुहूर्त (शुभ समय) इस प्रकार है:
| समय | पूजा का काल |
| 06:39 PM – 09:45 PM | रात्रि प्रथम प्रहर |
| 09:45 PM – 12:52 AM | रात्रि द्वितीय प्रहर |
| 12:52 AM – 03:59 AM | रात्रि तृतीय प्रहर |
| 03:59 AM – 07:06 AM | रात्रि चतुर्थ प्रहर |
| 12:28 AM – 01:17 AM | निशीथा काल (विशेष) |
निशीथा काल को विशेष रूप से शुभ माना जाता है।
-महाशिवरात्रि व्रत का पारण (16 फरवरी)
-व्रत खोलने का शुभ समय 16 फरवरी 2026 को रहेगा
सुबह 07:06 से दोपहर 03:46 तक पारण से पहले सात्विक भोजन ग्रहण करें। जैसे दूध, फल, खीर, हल्का खाना।

भगवान शिव के प्रमुख मंत्र
-ॐ नमः शिवाय
-ॐ नमो नीलकण्ठाय
-ॐ त्र्यम्बकं यजामहे…
-ॐ तत्पुरुषाय विद्महे…
-ॐ महादेवाय विद्महे…
माता पार्वती के मंत्र
इन मंत्रों से पार्वती माता की भी उपासना करें
-ॐ नमः पार्वती पतये नमः
-ॐ उमामहेश्वराभ्यां नमः
-हे गौरी शंकरार्धांगी…
-ॐ ह्रीं योगिनी योगिनी…