नेशनल डेस्क: जयपुर की प्रसिद्ध महारानी गायत्री देवी के निजी संग्रह से जुड़ा एक बेहद दुर्लभ खगोलीय उपकरण अब अंतरराष्ट्रीय नीलामी में पेश होने जा रहा है। यह 17वीं सदी का पीतल से बना ‘नक्षत्र यंत्र’ अगले हफ्ते लंदन में नीलाम किया जाएगा। इस खास वस्तु को मशहूर नीलामी घर सोथबीज अपनी नीलामी में शामिल कर रहा है।

यह नक्षत्र यंत्र दरअसल एक हाथ में पकड़कर इस्तेमाल किया जाने वाला खगोलीय उपकरण है, जिसे उस दौर का ‘एस्ट्रोनॉमिकल सुपर कंप्यूटर’ भी कहा जाता है। इसकी बनावट और डिजाइन बेहद जटिल और आकर्षक है, जो उस समय की उन्नत वैज्ञानिक समझ को दर्शाती है।
इस यंत्र की खास बात यह है कि इसमें 94 शहरों के नाम दर्ज हैं, जिनके साथ उनके अक्षांश (latitude) और देशांतर (longitude) भी लिखे गए हैं। इससे उस समय खगोल विज्ञान और भूगोल की गहरी जानकारी का पता चलता है।
इसका वजन करीब 8.2 किलोग्राम है और व्यास लगभग 30 सेंटीमीटर बताया जा रहा है, जबकि इसकी कुल ऊंचाई करीब 46 सेंटीमीटर है। आकार के हिसाब से यह उस समय के सामान्य भारतीय एस्ट्रोलैब से लगभग चार गुना बड़ा है। इसमें 38 स्टार पॉइंटर लगे हैं, जिन्हें फूलों जैसी सुंदर नक्काशी के साथ बनाया गया है।
जानकारों के अनुसार, यह यंत्र साल 1612 के आसपास का है। नीलामी में इसकी कीमत करीब 30 करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान लगाया जा रहा है। यह दुर्लभ वस्तु इतिहास, विज्ञान और कला तीनों का अनोखा संगम मानी जा रही है।