मुंबई। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बृहस्पतिवार को दक्षिण मुंबई में पुर्ननिर्मित कार्नाक रोड ओवर ब्रिज (आरओबी) का उद्घाटन किया, जिसे भारतीय सेना के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के सम्मान में ‘सिंदूर ब्रिज’ नाम दिया गया है। फडणवीस ने संवाददाताओं को बताया कि भारतीय सेना ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान पाकिस्तान के अंदरूनी इलाकों में आतंकवादी ठिकानों पर हमला करके असाधारण साहस और सामरिक सटीकता का परिचय दिया है। इस अवसर पर उन्होंने कहा, ‘‘यह नाम परिवर्तन हमारे सशस्त्रबलों और भारत की रक्षा क्षमताओं के प्रति सम्मान है।’’ फडणवीस ने कहा कि पुल को दोपहर तीन बजे वाहनों के आवागमन के लिए खोल दिया जाएगा।
पहले कार्नाक ब्रिज के नाम से जाना जाता था
ब्रिटिश काल का यह पुल पहले बॉम्बे प्रांत के पूर्व गवर्नर जेम्स रिवेट कार्नाक के नाम पर कार्नाक ब्रिज के नाम से जाना जाता था, जिन्होंने 1839 से 1841 तक इस पद को संभाला था। इसका नाम बदलकर ‘सिंदूर ब्रिज’ कर दिया गया है, जो पहलगाम आतंकी हमले का बदला लेने के लिए मई में पाकिस्तान के खिलाफ भारत की सैन्य कार्रवाई से प्रेरित है।
ये पुल भीड़ को कम करने व कनेक्टिविटी में सुधार करने में मदद करेगा
यह पुल मध्य रेलवे (मुंबई छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनल और मस्जिद स्टेशन के बीच) के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों को जोड़ता है और पी डिमेलो रोड से जुड़ता है। यह दक्षिण मुंबई में यातायात की भीड़ को कम करने और कनेक्टिविटी में सुधार करने में मदद करेगा। ‘सिंदूर ब्रिज’ का पुर्ननिर्माण बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) द्वारा किया गया है। मूल रूप से 150 साल पुराने इस पुल को मध्य रेलवे ने असुरक्षित घोषित कर दिया था और अगस्त 2022 में इसे ध्वस्त कर दिया गया था। बीएमसी ने कहा कि इस पुल से वालचंद हीराचंद मार्ग और शहीद भगत सिंह रोड जैसे प्रमुख चौराहों पर यातायात की भीड़भाड़ में उल्लेखनीय कमी आने की उम्मीद है और यूसुफ मेहरअली रोड, मोहम्मद अली रोड और सरदार वल्लभभाई पटेल रोड सहित महत्वपूर्ण मार्गों पर पूर्व-पश्चिम यातायात प्रवाह में सुधार होगा।

