नई दिल्ली: मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल परियोजना के तहत महाराष्ट्र में पहली पर्वतीय सुरंग का सफल ब्रेकथ्रू हासिल किया गया है। रेल, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि पालघर जिले में विरार और बोइसर बुलेट ट्रेन स्टेशनों के बीच स्थित लगभग 1.5 किलोमीटर लंबी पर्वतीय सुरंग का निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है। यह पालघर जिले की सबसे लंबी सुरंगों में से एक है। यह सुरंग दोनों सिरों से आधुनिक ड्रिल एंड ब्लास्ट तकनीक के माध्यम से खोदी गई, जिसे महज 18 महीनों में पूरा किया गया।
इस तकनीक से खुदाई के दौरान जमीन की स्थिति की रियल-टाइम निगरानी संभव होती है और जरूरत के अनुसार शॉटक्रीट, रॉक बोल्ट व लैटिस गर्डर जैसी सुरक्षा व्यवस्थाएं लगाई जाती हैं। निर्माण के दौरान वेंटिलेशन, अग्नि सुरक्षा और सुरक्षित आवागमन सहित सभी मानकों का पालन किया गया। मंत्री ने बताया कि इससे पहले सितंबर 2025 में ठाणो से बीकेसी के बीच लगभग 5 किलोमीटर लंबी पहली भूमिगत सुरंग पूरी की जा चुकी है। 508 किलोमीटर लंबी इस परियोजना में कुल 27.4 किलोमीटर सुरंगें शामिल हैं, जिनमें 21 किलोमीटर भूमिगत और 6.4 किलोमीटर सतही सुरंगें हैं।
परियोजना में कुल आठ पर्वतीय सुरंगें हैं, जिनमें से सात महाराष्ट्र में स्थित हैं। अश्विनी वैष्णव ने कहा कि बुलेट ट्रेन परियोजना से बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन होगा और परिचालन के दौरान भी नए अवसर मिलेंगे। परियोजना पूरी होने पर मुंबई से अहमदाबाद की दूरी मात्र 1 घंटा 58 मिनट में तय की जा सकेगी। यह परियोजना न केवल औद्योगिक व आर्थिक गतिविधियों को गति देगी, बल्कि सड़क परिवहन की तुलना में करीब 95 प्रतिशत कार्बन उत्सर्जन में कमी लाकर पर्यावरण संरक्षण में भी अहम भूमिका निभाएगी।

