Last Updated: September 21, 2026

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अमेरिका का भारतीयों को बड़ा झटका, H-1B Visa पर लगेगी 3 साल की रोक!

April 25, 2026

अमेरिका का भारतीयों को बड़ा झटका, H-1B Visa पर लगेगी 3 साल की रोक!

नेशनल डेस्क: अमेरिका में एच-1बी वीजा को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है। रिपब्लिकन सांसद एली क्रेन ने एक नया बिल पेश किया है, जिसका नाम End H-1B Visa Abuse Act 2026 रखा गया है। इस प्रस्ताव का मकसद एच-1बी वीजा पर तीन साल की रोक लगाना और इसमें बड़े बदलाव करना बताया जा रहा है।

क्या है पूरा मामला?

एली क्रेन का कहना है कि मौजूदा एच-1बी वीजा सिस्टम से अमेरिकी नागरिकों के रोजगार पर असर पड़ा है। सरकार को कंपनियों के बजाय आम लोगों के हित में फैसले लेने चाहिए। इस बिल के जरिए वे चाहते हैं कि अमेरिका में नौकरी के मौके पहले स्थानीय लोगों को मिलें। इस प्रस्ताव को कई अन्य रिपब्लिकन नेताओं का भी समर्थन मिला है, जिनमें ब्रैंडन गिल, पॉल गोसर और एंडी ओग्ल्स शामिल हैं। इन नेताओं का कहना है कि एच-1बी वीजा का इस्तेमाल सस्ते विदेशी कर्मचारियों को लाने के लिए किया जा रहा है, जिससे अमेरिकी कामगारों को नुकसान हो रहा है।

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प्रस्तावित बड़े बदलाव

इस बिल में कई महत्वपूर्ण बदलाव सुझाए गए हैं, जिनमें हर साल जारी होने वाले एच-1बी वीजा की संख्या को 65,000 से घटाकर 25,000 करने का प्रस्ताव, वीजा देने में मिलने वाली सभी छूट खत्म करने की योजना, मौजूदा लॉटरी सिस्टम को हटाकर चयन प्रक्रिया को वेतन के आधार पर करने का सुझाव और न्यूनतम वेतन सीमा को बढ़ाकर 2 लाख डॉलर सालाना करने की बात शामिल है। इसके अलावा कंपनियों के लिए यह जरूरी होगा कि वे यह साबित करें कि उन्हें उस पद के लिए कोई योग्य अमेरिकी कर्मचारी नहीं मिला। साथ ही उन्हें यह भी दिखाना होगा कि हाल में उन्होंने कर्मचारियों की छंटनी नहीं की है।

प्रस्तावित बिल में कुछ और कड़े प्रावधान एच-1बी वीजा धारक एक से ज्यादा नौकरी नहीं कर पाएंगे, थर्ड-पार्टी स्टाफिंग एजेंसियों के जरिए नियुक्ति पर रोक, वीजा धारक अपने परिवार को अमेरिका नहीं ला सकेंगे, ओपीटी प्रोग्राम को खत्म करने का प्रस्ताव, ग्रीन कार्ड में बदलने का रास्ता बंद, वीजा बदलने से पहले अमेरिका छोड़ना अनिवार्य और सरकारी एजेंसियों को एच-1बी कर्मचारियों को स्पॉन्सर करने से रोक भी शामिल हैं। इमिग्रेशन से जुड़ी संस्था Immigration Accountability Project की सह-संस्थापक रोजमेरी जेंक्स ने इसे अब तक का सबसे सख्त एच-1बी प्रस्ताव बताया है। उनका कहना है कि यह वीजा मूल रूप से अस्थायी जरूरतों के लिए बनाया गया था और यह बिल उसी उद्देश्य को फिर से लागू करने की कोशिश करता है।

क्यों अहम है एच-1बी वीजा?

एच-1बी वीजा के जरिए अमेरिकी कंपनियां खासतौर पर आईटी, इंजीनियरिंग और अन्य तकनीकी क्षेत्रों में विदेशी विशेषज्ञों को नौकरी देती हैं। इस वीजा का सबसे ज्यादा फायदा भारतीय पेशेवरों को मिलता रहा है। इस मुद्दे पर लंबे समय से बहस चल रही है। कुछ लोगों का मानना है कि इससे अमेरिकी कर्मचारियों की सैलरी और नौकरी के अवसर प्रभावित होते हैं। वहीं उद्योग जगत का कहना है कि एच-1बी वीजा के जरिए कंपनियों को जरूरी टैलेंट मिलता है, जिससे नवाचार और आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलता है।

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