नई दिल्ली: मध्य पूर्व में बढ़ते राजनीतिक तनाव का असर अब सीधे भारत के रसोई गैस (LPG) बाजार पर दिखने लगा है। बता दें कि, होर्मुज जलडमरूमध्य के जरिए तेल और गैस का व्यापार लगभग ठप पड़ गया है, जिससे भारत में LPG की सप्लाई प्रभावित हो रही है। देश अपनी घरेलू जरूरतों का करीब 60% LPG आयात करता है, जिसमें से 90% मध्य पूर्व से आता है। इस स्थिति का असर आम लोगों की जेब पर सीधे पड़ रहा है।
शहरवार LPG कीमतें
| शहर | घरेलू LPG (14.2 किलो) | कमर्शियल LPG (19 किलो) |
|---|---|---|
| नई दिल्ली | ₹913 | ₹1,884.50 |
| मुंबई | ₹912.50 | ₹1,836 |
| कोलकाता | ₹939 | ₹1,988.50 |
| चेन्नई | ₹928.50 | ₹2,043.50 |
| हैदराबाद | ₹965 | ₹2,105.50 |
| लखनऊ | ₹950.50 | ₹2,007 |
| बेंगलुरु | ₹915.50 | ₹1,958 |
| पटना | ₹1,002.50 | ₹2,133.50 |
तनाव का कारण और असर
इस संकट की जड़ फरवरी में अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों में है। इसके बाद पूरे क्षेत्र में तनाव बढ़ गया और तेल व गैस टैंकर सुरक्षा कारणों से होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने में जोखिम महसूस कर रहे हैं। इसके कारण सप्लाई चेन बाधित हुई और भारत में LPG सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी हुई।
मार्च की शुरुआत में घरेलू 14.2 किलो सिलेंडर की कीमत ₹50 बढ़ाई गई, जबकि 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर के दाम ₹144 तक बढ़ाए गए। सरकार का कहना है कि देश में फिलहाल पर्याप्त भंडार मौजूद है और आम जनता को घबराने की जरूरत नहीं है।
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सरकार ने LPG को आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत नियंत्रित किया है। इसके तहत घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता दी जा रही है, जबकि होटल, रेस्टोरेंट और अन्य व्यावसायिक इकाइयों को केवल 20% गैस उपलब्ध कराई जा रही है। इस कदम का उद्देश्य आम लोगों के रसोई खर्च को कम से कम प्रभावित करना है।

