रांची: झारखंड में JPSC और JSSC की परीक्षाओं को लेकर चल रहे विवाद और छात्रों के आंदोलन के बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मंगलवार को विधानसभा में बड़ा ऐलान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार छात्रों के भविष्य को लेकर गंभीर है और प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच कराई जा रही है।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सदन में घोषणा की कि 14वीं JPSC की प्रारंभिक परीक्षा (PT) को रद्द किया जाएगा। इसके अलावा 2023 और 2025 में JPSC की ओर से आयोजित की गई परीक्षाओं को भी रद्द करने का फैसला लिया गया है। सरकार ने 11वीं और 13वीं JPSC परीक्षा के साथ-साथ FRO, APP और TDPL से जुड़ी परीक्षाओं की भी जांच कराने की बात कही है।
सरकार के इस फैसले के बाद JSSC CGL परीक्षा भी जांच के दायरे में आ गई है। दरअसल, TDPL की ओर से JSSC CGL परीक्षा का आयोजन कराया गया था। ऐसे में सरकार के फैसले को प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की व्यापक जांच के रूप में देखा जा रहा है।
विधानसभा में विपक्ष के हंगामे के बीच मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं की मौजूदा व्यवस्था में सुधार की जरूरत है। सरकार परीक्षा कराने की पूरी प्रक्रिया को बेहतर और पारदर्शी बनाने के लिए बड़े स्तर पर काम करेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए देश के प्रतिष्ठित संस्थानों से भी सलाह ली जाएगी। इसके लिए IIT, IIM और XLRI सहित बड़े शैक्षणिक और प्रबंधन संस्थानों के विशेषज्ञों से विचार-विमर्श किया जाएगा।
सरकार के इस फैसले से जहां कई अभ्यर्थियों को राहत और नई उम्मीद मिली है, वहीं रद्द होने वाली परीक्षाओं में शामिल उम्मीदवारों के सामने अब कई सवाल भी खड़े हो गए हैं। अभ्यर्थी यह जानना चाहते हैं कि नई परीक्षा कब होगी और रद्द की गई परीक्षाओं के बाद आगे की प्रक्रिया क्या होगी। सरकार का कहना है कि परीक्षा प्रक्रिया में सुधार और पारदर्शिता सुनिश्चित करना उसकी प्राथमिकता है, ताकि भविष्य में प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर विवाद और अनियमितताओं की शिकायतें कम की जा सकें।