Gold-Silver Price: सोने-चांदी के बाजार में आज बड़ी हलचल देखने को मिली है, जहां अंतरराष्ट्रीय तनाव और डॉलर की मजबूती के बीच कीमती धातुओं की कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई है। निवेशकों की बिकवाली और वैश्विक संकेतों के दबाव ने सर्राफा बाजार को कमजोर कर दिया है।
सोने की कीमतों में तेज गिरावट
वैश्विक और घरेलू बाजारों में सोने की कीमतों में अचानक बड़ी गिरावट आई है। 24 कैरेट सोना प्रति 10 ग्राम करीब 4000 रुपये से अधिक सस्ता हो गया है। वहीं 22 कैरेट सोना भी दबाव में है और गहनों की मांग से जुड़ा यह सेगमेंट भी कमजोर दिख रहा है।
घरेलू बाजार में 22 कैरेट सोना फिलहाल लगभग 1,36,450 से 1,37,160 रुपये प्रति 10 ग्राम के दायरे में कारोबार कर रहा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सोना लगभग 4175 डॉलर प्रति औंस के आसपास पहुंच गया है, जो अपने हालिया उच्च स्तर से काफी नीचे है।

शहरों में सोने के अलग-अलग रेट
देश के प्रमुख शहरों में सोने की कीमतों में हल्का अंतर देखा गया है।
दिल्ली और जयपुर में 24 कैरेट सोना करीब 14,901 रुपये प्रति ग्राम के आसपास
मुंबई, कोलकाता, बेंगलुरु और पुणे में यह लगभग 14,886 रुपये प्रति ग्राम
चेन्नई में कीमतें थोड़ी अधिक, करीब 15,055 रुपये प्रति ग्राम तक
चांदी भी लुढ़की
सोने के साथ-साथ चांदी के दामों में भी तेज गिरावट देखने को मिली है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी का वायदा भाव करीब 8,000 रुपये प्रति किलो तक टूट गया है।
घरेलू बाजार में 999 फाइन चांदी का रेट गिरकर लगभग 2,35,520 से 2,36,110 रुपये प्रति किलो के स्तर पर पहुंच गया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी स्पॉट सिल्वर करीब 1.4% गिरकर 64 डॉलर प्रति औंस के आसपास आ गई है।
क्यों गिरे सोने-चांदी के दाम?
1. भू-राजनीतिक तनाव और महंगाई की चिंता
अमेरिका और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के चलते कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव बढ़ा है, जिससे महंगाई की आशंका मजबूत हुई है। इससे ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंची रहने की संभावना बढ़ गई है, जो सोने-चांदी जैसे गैर-उपज देने वाले निवेशों पर दबाव डालती है।
2. मजबूत डॉलर का असर
डॉलर इंडेक्स के मजबूत होने से अन्य मुद्राओं में सोना खरीदना महंगा हो गया है। इसी कारण वैश्विक मांग कमजोर पड़ी है और निवेशकों ने सुरक्षित विकल्प के रूप में डॉलर की ओर रुख किया है।
3. प्रॉफिट बुकिंग और बिकवाली
चांदी में पिछले कुछ दिनों से जारी मुनाफावसूली और एल्गो-ट्रेडिंग आधारित बिकवाली ने भी कीमतों में गिरावट को तेज कर दिया है।
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निवेशकों के लिए संकेत
विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा गिरावट वैश्विक अनिश्चितताओं और डॉलर की मजबूती से जुड़ी हुई है। ऐसे में बाजार में उतार-चढ़ाव आगे भी जारी रह सकता है, इसलिए निवेशकों को सतर्क रहने की जरूरत है।
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