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मशीनीकरण और टेक्नोलॉजी से किसानों की आय में बड़ी छलांग : शिवराज सिंह चौहान

बुधनी/भोपाल/नई दिल्ली : केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को मध्य प्रदेश के बुधनी स्थित केंद्रीय कृषि मशीनरी प्रशिक्षण एवं परीक्षण संस्थान में आयोजित किसान मेला और राष्ट्रीय उन्नत कृषि यंत्रीकरण प्रदर्शनी में किसानों से संवाद करते हुए बुधनी को कृषि मशीनीकरण और अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी का आदर्श मॉडल बनाने का संकल्प दोहराया और नई कृषि मशीनीकरण क्रांति का शंखनाद किया।

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान मंगलवार को केंद्रीय कृषि मशीनरी प्रशिक्षण एवं परीक्षण संस्थान, बुधनी में आयोजित किसान मेला और कृषि प्रदर्शनी में शामिल हुए और किसानों, वैज्ञानिकों तथा आमजन से सीधे संवाद के दौरान कहा कि यह कार्यक्रम केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि खेतों में बहने वाले किसानों के पसीने के सम्मान और नई कृषि क्रांति का उत्सव है। उन्होंने सलकनपुर वाली मैया और मोक्षदायिनी नर्मदा की पावन धरती बुधनी को प्रणाम करते हुए कहा कि यहाँ किसानों ने परिश्रम से सूखी धरती पर हरियाली की चादर बिछाई है और जब उन्हें पगड़ी पहनाकर सम्मान दिया गया तो यह भारत की संस्कृति और परंपरा की पहचान है, जिसकी लाज वे कभी नहीं टूटने देंगे।

मशीनीकरण और टेक्नोलॉजी से आदर्श मॉडल बुधनी

अपने संबोधन में शिवराज सिंह चौहान ने स्पष्ट कहा कि बुधनी की यह पवित्र धरती कृषि क्षेत्र में तकनीक आधारित विकास का आदर्श मॉडल बनेगी, जहाँ मशीनीकरण और आधुनिक कृषि उपकरणों के माध्यम से किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। उन्होंने बताया कि यहाँ लगी प्रदर्शनी सिर्फ मशीनों का प्रदर्शन नहीं, बल्कि तकनीक से समृद्धि की उस यात्र की झलक है, जो भारत के खेतों को अधिक उत्पादक, सस्टेनेबल और लाभकारी खेती की दिशा में आगे बढ़ा रही है।

खेती में नई तकनीक और मशीनों की जरूरत

केंद्रीय मंत्री श्री चौहान ने कहा कि दुनिया को सबसे पहले खेती करना भारत ने सिखाया और अन्नदाता जीवनदाता के समान हैं, इसलिए किसानों की सेवा उनके लिए भगवान की पूजा जैसा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि केवल पारंपरिक खेती से किसानों की आय में अपेक्षित बढ़ोतरी संभव नहीं है, इसके लिए आधुनिक मशीनों, नई तकनीकों, इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर, ड्रोन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल प्लेटफॉर्म जैसी सुविधाओं को अपनाना समय की आवश्यकता है। उन्होंने घोषणा की कि अब यह संस्थान केवल ट्रैक्टर ट्रेनिंग तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि देशभर में कृषि मशीनों के प्रयोग, लाइव प्रदर्शन और किसानों को प्रशिक्षण देने का प्रमुख राष्ट्रीय केंद्र बनाया जाएगा, ताकि हर क्षेत्र का किसान मशीनीकरण का लाभ उठा सके

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