नई दिल्ली। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने मंगलवार को एआईसीसी मुख्यालय में पार्टी के सभी महासचिवों, पीसीसी अध्यक्ष और राज्य प्रभारियों के साथ विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। बैठक में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी भी मौजूद थे। यह बैठक संगठनात्मक मामलों और आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों पर चर्चा के लिए बुलाई गई थी। विधानसभा चुनाव पर चर्चा के अलावा विभिन्न राष्ट्रीय मुद्दों पर भी चर्चा की गई। एक्स पर एक पोस्ट में पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, “हमने संगठनात्मक मामलों और चुनाव की तैयारियों के लिए राष्ट्रीय महत्व के विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करने के लिए एआईसीसी महासचिवों, प्रभारियों और प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्षों की बैठक बुलाई है।”
उन्होंने कहा, “सेबी और अडानी के बीच सांठगांठ के चौंकाने वाले खुलासे की गहन जांच की जरूरत है। शेयर बाजार में छोटे निवेशकों के पैसे को खतरे में नहीं डाला जा सकता। मोदी सरकार को तुरंत सेबी के अध्यक्ष का इस्तीफा मांगना चाहिए और इस संबंध में एक जेपीसी का गठन करना चाहिए।” बेरोजगारी का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने कहा, “बेकाबू बेरोजगारी और अनियंत्रित मुद्रास्फीति तथा घरेलू बचत में कमी जैसे ज्वलंत मुद्दे हमारा ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। गरीब और मध्यम वर्ग के साथ विश्वासघात किया गया है।”
उन्होंने जाति जनगणना का मुद्दा भी उठाया और कहा, “संविधान पर हमला लगातार जारी है। जाति जनगणना लोगों की मांग है।” उन्होंने आश्वासन दिया कि कांग्रेस पार्टी एमएसपी की कानूनी गारंटी और अग्निपथ योजना को खत्म करने के लिए लड़ेगी। उन्होंने कहा, “कांग्रेस पार्टी हमारे किसानों के लिए एमएसपी की कानूनी गारंटी की मांग में अपनी लड़ाई जारी रखेगी।

