करनाल। मेयर रेणु बाला गुप्ता का पीए बनकर लोगों से ठगी करने के आरोपी ओम प्रकाश को पुलिस ने गिरफ़्तार कर लिया है। आरोपी कर्ण विहार का रहने वाला बताया जा रहा है।
लोगों से काम कराने के ऐंठता था रुपये
आरोप है कि ओमप्रकाश काफी समय से जनता को बातों में फंसाकर मोटी रकम ऐंठ रहा था। इसका खुलासा तब हुआ जब कुछ पीड़ित अपना काम नहीं होने पर सीधे मेयर रेणु बाला गुप्ता से मिले। लोगों ने मेयर को बताया कि उनके पीए ओमप्रकाश ने काम के बदले पैसे लिए हैं, तो मेयर के पैरों के नीचे से जमीन खिसक गई। रेणु बाला गुप्ता ने कहा कि इस नाम का कोई व्यक्ति उनके स्टाफ में नहीं है।
मेयर की शिकायत पर कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए मेयर ने पुलिस में शिकायत दी। इसके बाद पुलिस की स्पेशल टीम आरोपी की तलाश में जुट गई। पुलिस जांच अधिकारी राजेश ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद से ही आरोपी पुलिस की रेडार पर था। पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस और मुखबिरों की मदद से ओमप्रकाश की घेराबंदी शुरू की। शुक्रवार देर रात पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी कमेटी चौक के पास किसी और शिकार की तलाश में घूम रहा है। बिना वक्त गंवाए पुलिस ने दबिश दी और ‘फर्जी पीए’ को रंगे हाथों पकड़ लिया।
जांच में ये आया सामने
जांच में पता लगा कि ओमप्रकाश निगम ऑफिस के आसपास रहता था। वह ऐसे लोगों को निशाना बनाता था जो अपनी प्रॉपर्टी आईडी ठीक कराने, नक्शा पास कराने या अन्य तकनीकी कामों के लिए निगम के चक्कर काट रहे होते थे। आरोपी खुद को मेयर का बेहद करीबी और खास आदमी बताकर दावा करता था कि वह एक फोन कॉल पर बड़े से बड़ा काम करवा सकता है। इसी रसूख के बदले वह लोगों से हजारों रुपये वसूल लेता था, लेकिन पैसे लेने के बाद वह गायब हो जाता था।
पुलिस को मिली दो शिकायतें
पुलिस ने बताया कि अभी तक इस संबंध में दो शिकायतें मिली हैं। गिरफ्तारी के बाद पूछताछ और शुरुआती जांच में कई अन्य गवाह भी सामने आए हैं, जिनसे आरोपी ने पैसे वसूले थे। जांच अधिकारी राजेश ने बताया कि आरोपी को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा। रिमांड के दौरान यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि उसने अब तक कुल कितने लोगों को चूना लगाया है और क्या इस खेल में उसके साथ कोई और भी शामिल है।
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