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Haryana News : मंडी गुलजार, सूने बाजार, कारोबार पर असर, व्यापारी चिंतित

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अंबाला। प्रदेश की 416 अनाज मंडियों में खरीद का काम चल रहा है। इस काम में किसान, आढ़ती और आम ग्रामीण मशगूल है। ऐसे में प्रदेश के बाजारों से ग्राहक लापता है। यही कारण है कि शहर के प्रमुख बाजारों में सन्नाटा है।

सामान्य दिनों गुलजार थे बाजार

ये बाजार सामान्य दिनों में ग्राहकों की भीड़ से गुलजार रहते थे। अब अधिकतर दुकानों पर दिनभर सूना माहौल देखने को मिल रहा है। दुकानदार सुबह से शाम तक ग्राहकों के इंतजार में बैठे रहते हैं, लेकिन अपेक्षित संख्या में ग्राहक नहीं पहुंच रहे, जिससे व्यापार पर सीधा असर पड़ रहा है। व्यापारियों का कहना है कि पिछले कुछ समय से बाजारों में ग्राहकों की आवाजाही में लगातार गिरावट आई है।

सन्नाटा बढ़ा रहा व्यापारियों की चिंता

पहले जहां दिनभर खरीदारों की चहल-पहल बनी रहती थी, वहीं अब कई-कई घंटों तक दुकानें खाली पड़ी रहती हैं। इस स्थिति ने खासकर छोटे और मध्यम वर्ग के व्यापारियों की चिंता बढ़ा दी है, जिनकी रोजमर्रा की आय पूरी तरह दुकानदारी पर निर्भर करती है। स्थानीय दुकानदारों के अनुसार बाजारों की रौनक काफी हद तक ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले ग्राहकों पर निर्भर करती है।

खेतों में चल रहा कटाई का काम

इन दिनों गांवों में गेहूं सहित अन्य फसलों की कटाई का कार्य जोर-शोर से चल रहा है, जिसके चलते ग्रामीण लोग खेतों में व्यस्त हैं और बाजारों की ओर उनका रुख कम हो गया है। इसका सीधा असर शहर के बाजारों में दिखाई दे रहा है, जहां पहले की तुलना में काफी कम भीड़ नजर आ रही है। इसके अलावा बदलते समय के साथ ऑनलाइन खरीदारी का बढ़ता चलन भी स्थानीय व्यापार के लिए बड़ी चुनौती बनकर उभरा है। Mandi buzzing, deserted market

ऑनलाइन खरीदारी बढ़ा रही दर्द

दुकानदारों का कहना है कि अब लोग मोबाइल और इंटरनेट के माध्यम से घर बैठे ही सामान मंगाना ज्यादा सुविधाजनक समझते हैं। इससे पारंपरिक बाजारों में आने वाले ग्राहकों की संख्या लगातार घट रही है और व्यापारियों को कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ रहा है। कुछ व्यापारियों ने बताया कि किराया, बिजली बिल और अन्य खर्चों का दबाव लगातार बढ़ रहा है, जबकि बिक्री घटने से आय में कमी आई है।

व्यापार चलाना हो रहा मुश्किल

ऐसे में व्यापार चलाना मुश्किल होता जा रहा है। कई दुकानदारों ने प्रशासन से भी अपील की है कि स्थानीय बाजारों को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष प्रयास किए जाएं, ताकि व्यापार को फिर से गति मिल सके। हालांकि व्यापारियों को उम्मीद है कि यह स्थिति अस्थायी है। उनका मानना है कि जैसे ही फसल कटाई का कार्य समाप्त होगा और आगामी त्योहारों तथा शादी-विवाह का सीजन शुरू होगा, बाजारों में फिर से रौनक लौटेगी। फिलहाल व्यापारी उम्मीद के सहारे दिन गुजार रहे हैं और ग्राहकों की वापसी का इंतजार कर रहे हैं। Mandi buzzing, deserted market

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