Mango fair inaugurated in Pinjore : पंचकूला। प्रदेश के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने पिंजौर स्थित यादविंद्रा गार्डन में आम मेला का उद्घाटन किया। इस बार पांच राज्यों, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के आम उत्पादक शामिल हुए हैं। इस बार यहां आम की 200 से अधिक किस्में प्रदर्शित होंगी।
लोगों में खरीदारी का जुनून
मेले में स्टॉलों पर आम की किस्में सजाई गईं। इसके साथ ही खरीदारी की व्यवस्था भी की गई है। यहां बच्चों से बड़ों तक हरेक के चेहरे पर चमक नजर आई। हर कोई स्टॉल पर स्वाद चखने के बाद उनकी खरीदारी भी करते नजर आए। खरीदारों को उनकी मांग के अनुसार आम बेचे जा रहे थे। हर कोई आमों के नाम सुनकर खुश होता दिखा। मेले में आम की जितनी किस्में सजी हैं, उनके नाम भी उतने बेहतर हैं। आमों के नाम नेताओं-अभिनेताओं और कलाकारों के नाम पर भी देखे गए। यहां तक की मेले में करीब आठ किलोग्राम के एक बड़े एवं भारी आम का नाम मोदी रखा गया है।
सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन
हर साल की तरह मेले में इस बार भी विभिन्न प्रकार की गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। प्रवेश द्वार के समीप बच्चों के लिए झूले, लोगों की सुविधाओं के लिए टिकट काउंटर भी बाहर खुले में है। तीनों दिन गार्डन के अंदर विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन कराया जाएगा। बच्चों और युवाओं के लिए अनेक रचनात्मक एवं मनोरंजक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाना है। इनमें रंगोली, फेस पेंटिंग, पोस्टर मेकिंग, ड्राइंग, ग्रुप डांस, ग्रुप सिंगिंग, हैंडराइटिंग, बेस्ट आउट ऑफ वेस्ट, मेहंदी प्रतियोगिता, मैंगो क्विज़ और रोमांचक मैंगो ईटिंग प्रतियोगिता शामिल हैं।
अमित सैनी ने बांध दिया समां
मेले में रोजाना शाम को प्रसिद्ध कलाकार शानदार प्रस्तुतियों से दर्शकों का मनोरंजन करेंगे। शुक्रवार को हरियाणवी गायक अमित सैनी रोहतकिया ने मुख्यमंत्री के समक्ष अपनी प्रस्तुति दी और समां बांधे रखा। वहीं शनिवार, 11 जुलाई को पंजाबी गायक शमिंदर शम्मी और अंतिम दिन, 12 जुलाई को हरियाणवी गायक नवीन पुनिया अपनी प्रस्तुतियों से समा बांधेंगे। संगीत के साथ रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम, लोक कलाकारों की प्रस्तुतियां और मनोरंजन संबंधी गतिविधियां मेले को उत्सवमय बना रही हैं। वहीं, मेले में लगे फूड कोर्ट में आगंतुकों को आम से बने विशेष व्यंजनों के साथ विभिन्न प्रकार के स्वादिष्ट व्यंजन भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
एआई का भी हो रहा इस्तेमाल
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का भारत परंपरा पर गर्व करते हुए आत्मविश्वास से आधुनिक तकनीक अपना रहा है। 2047 तक विकसित भारत बनाना है तो खेती को भी भविष्य के अनुरूप ढालना होगा। दुनिया आज एआई की चर्चा कर रही है, जिसका सबसे बड़ा लाभ किसान को मिलेगा। मिट्टी में तत्व की कमी, सिंचाई का समय, लाभकारी फसल, रोग का संकेत, मंडी की मांग, ये पहले से पता चले तो समय बचेगा, लागत घटेगी और आमदनी बढ़ेगी। आज ड्रोन खेत सर्वेक्षण कर रहे हैं, एआई मिट्टी की सेहत जांच रहा है, मौसम की जानकारी मोबाइल तक पहुंच रही है। एआई आधारित डिजिटल अकाउंटिंग से किसान अपने मोबाइल पर ही खर्च-आमदनी का पूरा हिसाब रख सकता है, जो स्मार्ट खेती का भविष्य है।
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