Manipur News : मणिपुर के पूर्व मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह और राज्यसभा सदस्य लिशेम्बा सनाजोबा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से राज्य के मौजूदा हालात पर चर्चा करने के लिए सोमवार को नई दिल्ली के लिए रवाना हुए। यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब मणिपुर में सांप्रदायिक और राजनीतिक तनाव अपने चरम पर है।राज्यव्यापी बंद, नाकेबंदी और खासकर घाटी के जिलों में बढ़ते तनाव ने स्थिति को और जटिल बना दिया है।
समय बहुत गंभीर और संवेदनशील-
दिल्ली रवाना होने से पहले इंफाल के बीर टिकेंद्रजीत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर मीडिया से बात करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, “हम मणिपुर के लोगों के सामने मौजूदा मुद्दों के बारे में गृह मंत्री को जानकारी देने जा रहे हैं। राज्य में स्थिति इस समय बहुत गंभीर और संवेदनशील है। मैं मणिपुर के लोगों से शांत और संयमित रहने की अपील करता हूं। हमें भावना या गुस्से में कोई कदम नहीं उठाना चाहिए। हमें इस संकट से उबरने के लिए शांतिपूर्वक मिलकर काम करना चाहिए।”
बैठक का एजेंडा अभी सार्वजनिक नहीं-
विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, दोनों नेता सोमवार को नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात करेंगे। हालांकि बैठक का विस्तृत एजेंडा अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है, लेकिन माना जा रहा है कि चर्चा का मुख्य फोकस हाल ही में अरंबाई तंगोल के नेताओं की गिरफ्तारी से उत्पन्न तनाव और राज्य में लंबे समय से चले आ रहे जातीय और राजनीतिक मुद्दों पर रहेगा।
प्रभावशाली संगठन अरंबाई तंगोल के नेताओं की गिरफ्तारी के कारण घाटी के जिलों में व्यापक विरोध प्रदर्शन हुए हैं, जिससे स्थिति और तनावपूर्ण हो गई है। ऐसे में गृह मंत्री के साथ बीरेन सिंह और सनाजोबा की बैठक को राज्य में शांति बहाल करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
बैठक एक महत्वपूर्ण कदम-
मणिपुर में पिछले कुछ समय से विभिन्न समुदायों के बीच तनाव और हिंसा की घटनाएं देखने को मिल रही हैं। सांप्रदायिक मतभेदों, खासकर घाटी और पहाड़ी इलाकों में, कानून-व्यवस्था की स्थिति को जटिल बना दिया है। बंद और नाकेबंदी के कारण सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है और कई इलाकों में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति बाधित हुई है। गृह मंत्री अमित शाह के साथ बीरेन सिंह और सनाजोबा की बैठक को राज्य में शांति बहाल करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है।
बैठक में इन बातों पर होगी चर्चा-
सूत्रों का कहना है कि इस बैठक में मणिपुर में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने, समुदायों के बीच विश्वास बहाल करने और शांति स्थापित करने के लिए ठोस कदम उठाने पर चर्चा हो सकती है।

