Security forces : सुरक्षा बलों ने मणिपुर के पहाड़ी और घाटी जिलों के सीमावर्ती और संवेदनशील इलाकों में बड़ा तलाशी अभियान चलाया। यह जानकारी मणिपुर पुलिस ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर दी है।
तलाशी के दौरान भारी मात्रा में बरामद हथियार
इस ऑपरेशन का उद्देश्य क्षेत्र में शांति और सुरक्षा सुनिश्चित करना था। तलाशी के दौरान सुरक्षा बलों को भारी मात्रा में हथियार, गोला-बारूद और अन्य सामान मिले। बरामद वस्तुओं में 1 एसएलआर राइफल, 1 मैगजीन, 1 सिंगल बैरल 12 बोर बंदूक, 7.62 मिमी गोला-बारूद के 21 राउंड, 14 खाली कारतूस, 3 अन्य कारतूस, 1 फायरिंग पिन, 8 आंसू गैस के गोले (एसआर), 11 आंसू गैस के गोले (एन), 1 आंसू गैस का गोला (काली मिर्च), और 3 स्टन गोले शामिल हैं।
इसके अलावा, 3 बॉडी प्रोटेक्शन जैकेट (2 प्लेटों के साथ), 2 बुलेटप्रूफ ट्राउजर, 14 बुलेटप्रूफ शर्ट, 4 बुलेटप्रूफ बैग, 2 स्कूल बैग, 4 बुलेटप्रूफ पी-कैप, 1 स्लीपिंग बैग, 2 जोड़ी जंगल बूट और 1 जोड़ी स्पोर्ट्स शू भी मिले। यह सामग्री थौबल जिले के हेरोक पार्ट-काक के उयोक चिंग वन क्षेत्र से बरामद की गई।
बदमाशों ने सुरक्षा बलों पर गोलीबारी
तलाशी अभियान के दौरान संदिग्ध बदमाशों ने सुरक्षा बलों पर गोलीबारी शुरू कर दी। इन बदमाशों के केसीपी (पीडब्ल्यूजी) संगठन से जुड़े होने का संदेह है। सुरक्षा बलों ने तुरंत प्रतिक्रिया दी और स्थिति को नियंत्रण में लाया। इस मुठभेड़ के बाद इलाके की गहन तलाशी ली गई, जिसमें एक बड़ा शिविर मिला।
ऐसा माना जाता है कि यह शिविर सशस्त्र अपराधियों का ठिकाना था। शिविर से दैनिक उपयोग की अनेक वस्तुएं भी बरामद की गईं, जैसे 12 बीटाडीन ट्यूब, 16 सिरिंज, 4 आईवी सेट, 80 पैरासिटामोल गोलियां, 1 कॉटन रोल, 7 कंबल, 3 जार, 3 बाल्टियां, 1 टब और 2 दूध की बोतलें।
इसके साथ ही 1 नोटिस बोर्ड, 1 टाटा सफारी वाहन और 2 जिप्सी वाहन भी मिले। बरामद वस्तुओं से यह स्पष्ट है कि यह शिविर दीर्घकालिक उपयोग के लिए बनाया गया था।
बरामद हथियारों और वस्तुओं की जांच शुरू
इस ऑपरेशन ने एक बार फिर संवेदनशील क्षेत्रों में सशस्त्र समूहों की मौजूदगी को उजागर कर दिया है। बरामद हथियारों और वस्तुओं की जांच शुरू कर दी गई है ताकि पता लगाया जा सके कि वे कहां से आए थे और उनका उपयोग किस उद्देश्य से किया जा रहा था। भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा बलों ने क्षेत्र में सतर्कता बढ़ा दी है।
स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय के कारण यह ऑपरेशन सफल रहा। इस कदम को क्षेत्र में शांति एवं सुरक्षा बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

