नयी दिल्ली: उच्चतम न्यायालय ने 2023 की जातीय हिंसा में मणिपुर के पूर्व मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह को कथित तौर पर फंसाने वाली पूरी 48 मिनट की ऑडियो रिकॉर्डिंग के साथ ही उनके वॉयस सैंपल फोरेंसिक जांच के लिए नेशनल फोरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी(एनएफएसयू), गांधीनगर को भेजे जाने के बुधवार को आदेश दिए।
न्यायमूर्ति संजय कुमार और न्यायमूर्ति के. विनोद चंद्रन की पीठ ने ऑडियो रिकॉर्डिंग की प्रामाणिकता की अदालत की निगरानी में जांच की मांग को लेकर पेश याचिका पर सुनवाई करते हुए यह निर्देश दिया। पीठ ने एनएफएसयू को फोरेंसिक विश्लेषण में तेजी लाने और अपनी रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में इस न्यायालय को सौंपने का भी निर्देश दिया।

