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Flydubai के भारतीय पायलट स्मित की बहादुरी के सम्मान में इस कंपनी ने 1 करोड़ रुपये देने का किया ऐलान

Indian pilot Smit

नेशनल डेस्कः फ्लाईदुबई के भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार इन दिनों अपनी बहादुरी और हिम्मत को लेकर चर्चा में हैं। दुबई से इजरायल के तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट में एक गंभीर घटना के दौरान उन्होंने सूझबूझ और साहस का परिचय दिया। बताया गया है कि फ्लाइट के कॉकपिट में को-पायलट ने उन पर हमला किया और विमान को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद स्मित मच्छार ने स्थिति का सामना किया और विमान में सवार यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी।उनकी बहादुरी की अब देश-विदेश में चर्चा हो रही है। इसी बीच देश की प्रमुख फार्मा कंपनी मैनकाइंड फार्मा ने कैप्टन स्मित मच्छार और उनके परिवार को सम्मान के तौर पर 1 करोड़ रुपये देने की घोषणा की है।

मैनकाइंड फार्मा ने सोशल मीडिया पर दी जानकारी
मैनकाइंड फार्मा ने शुक्रवार को अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट कर इस सम्मान की जानकारी दी। कंपनी ने कहा कि कैप्टन स्मित मच्छार ने अपनी सुरक्षा से पहले अपने क्रू और यात्रियों की चिंता की। कंपनी ने इसे सच्ची लीडरशिप का उदाहरण बताया। मैनकाइंड फार्मा ने अपनी पोस्ट में कहा कि कैप्टन स्मित ने भारत का मान बढ़ाया है। इसी के सम्मान में कंपनी उन्हें और उनके परिवार को 1 करोड़ रुपये की सम्मान राशि देगी।

 

फ्लाइट में क्या हुआ था?
यह घटना 30 सितंबर, बुधवार की बताई जा रही है। फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 दुबई से इजरायल के तेल अवीव जा रही थी। फ्लाइट के कॉकपिट में मौजूद को-पायलट हमाम अल-हमामी ने कथित तौर पर कैप्टन स्मित मच्छार पर चाकू से हमला कर दिया। हमले के दौरान विमान को हाईजैक करने और उसे क्रैश कराने की कोशिश की गई। इस घटना में कैप्टन स्मित मच्छार गंभीर रूप से घायल हो गए। उस समय विमान में 27 बच्चों समेत कुल 174 यात्री सवार थे। ऐसे हालात में यात्रियों की सुरक्षा सबसे बड़ी चुनौती बन गई थी।

घायल होने के बावजूद डटे रहे स्मित मच्छार
हमले के बाद भी कैप्टन स्मित मच्छार ने हिम्मत नहीं छोड़ी। गंभीर चोट लगने के बावजूद उन्होंने हमलावर का सामना किया और कॉकपिट का दरवाजा खोलने में कामयाब रहे। कॉकपिट का दरवाजा खुलने के बाद विमान में मौजूद कुछ इजरायली यात्री वहां पहुंचे। उन्होंने कथित तौर पर को-पायलट हमाम अल-हमामी को काबू में कर लिया। इस तरह विमान को और नुकसान पहुंचाने की कोशिश को रोकने में मदद मिली और विमान में मौजूद यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में कैप्टन स्मित की भूमिका अहम रही।

पायलट संगठन ने वीरता पुरस्कार देने की मांग की
कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी के बाद अब उन्हें सरकारी स्तर पर सम्मान देने की मांग भी उठी है। फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स (FIP) ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर कैप्टन स्मित मच्छार को वीरता पुरस्कार देने की मांग की। FIP के अध्यक्ष कैप्टन सी.एस. रंधावा ने कहा कि जिस कठिन और खतरनाक परिस्थिति में कैप्टन स्मित ने अपनी जिम्मेदारी निभाई, उसे देखते हुए वह विशेष सम्मान के हकदार हैं।

देश के लिए बढ़ाया मान
कैप्टन स्मित मच्छार की कहानी अब सिर्फ एक विमान हादसे से जुड़ी घटना नहीं रह गई है, बल्कि यह उनके साहस, जिम्मेदारी और यात्रियों की सुरक्षा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता की मिसाल के तौर पर सामने आ रही है।

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