नई दिल्लीः नागर विमानन मंत्रालय ने कहा कि डीजीसीए सहित विभिन्न प्राधिकरणों में कार्यबल बढ़ाने के लिये कदम उठाये गये हैं। इसके तहत कुल 416 नव-सृजित पदों में से 114 पर नियुक्ति की जा चुकी है जबकि अन्य पद चरणबद्ध तरीके से भरे जाएंगे। नागर विमानन मंत्रालय ने नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए), भारतीय विमानपत्तन आर्थिक विनियामक प्राधिकरण (एईआरए) और भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) में संस्थागत मजबूती और कार्यबल विस्तार के लिए कई सक्रिय कदम उठाए हैं। डीजीसीए अपने नियामक और निरीक्षण कार्यों को पूरा करने के लिए योग्य और अनुभवी विमानन इंजीनियरों, पायलटों और हवाई यातायात नियंत्रकों की एक टीम को नियुक्त करता है।
इन प्रयासों के प्रमाण के रूप में, डीजीसीए में कुल 416 नए पद स्थापित किए गए हैं, जो विमानन निगरानी संस्था को क्षेत्र में एक सुरक्षित वातावरण प्रदान करने में मदद करेंगे। पद चरणबद्ध तरीके से भरे जाएंगे। इनमें से 114 पद भरे जा चुके हैं। एईआरए एक स्वतंत्र विनियामक संस्था है, जिसे भारत में हवाई अड्डों के आर्थिक विनियमन की देखरेख का काम सौंपा गया है। इसके मुख्य उद्देश्यों में समान अवसर तैयार करना, प्रमुख हवाई अड्डों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देना, हवाई अड्डे की सुविधाओं में निवेश को बढ़ावा देना और वैमानिकी सेवाओं के लिए शुल्कों को विनियमित करना शामिल है। एईआरए द्वारा कार्यों के शीघ्र निर्वहन के लिए नागर विमानन मंत्रालय की पहल पर कुल 10 नए पद सृजित किए गए हैं। इन 10 में से पांच पद भरे जा चुके हैं, शेष पद भी जल्द भरे जाएंगे। इसके अलावा मौजूदा पदों पर 27 रिक्तियां थीं। जिनमें से 24 भरे जा चुके हैं और शेष तीन प्रक्रियाधीन हैं।
भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) हवाई यात्रा सुरक्षा और दक्षता के लिए प्रतिबद्ध है। इस दिशा में, इसने कई कदम उठाए हैं, जिनमें एयर ट्रैफिक कंट्रोलर्स (एटीसीओ) के आवश्यक संख्या में पदों का सृजन, उनकी भर्ती और प्रशिक्षण शामिल हैं। हवाई यात्रा की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए, दो चरणों में एटीसीओ के 796 अतिरिक्त पद सृजित किए गए हैं, यानी मई 2022 में 340 पद और अप्रैल 2023 में 456 पद। एटीसीओ के पदों को भरने के लिए भी कार्रवाई की गई है।