Last Updated: October 31, 2026

Dainik Savera Times Logo

PM Modi समेत कई नेता ने बंगला नववर्ष की दी शुभकामनाएं, बोले – लोगों के बीच भाईचारा और मजबूत हो

April 15, 2025

PM Modi समेत कई नेता ने बंगला नववर्ष की दी शुभकामनाएं, बोले – लोगों के बीच भाईचारा और मजबूत हो

नेशनल डेस्क : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को बंगला नववर्ष की शुभकामनाएं दी। उन्होंने इस संबंध में अपने सोशल मीडिया एक्स हैंडल पर पोस्ट भी किया। पीएम मोदी ने अपने पोस्ट में ग्रीटिंग के जरिए पोइला बोइशाख की शुभकामनाएं दी। ग्रीटिंग अंग्रेजी के साथ बांग्ला भाषा में भी पोस्ट किया गया। पीएम ने कहा कि मुझे आशा है कि आप लोगों की सभी इच्छाएं इस वर्ष पूरी होंगी। मैं सभी लोगों की खुशी, सफलता, समृद्धि और अच्छे स्वास्थ्य की कामना करता हूं।

छोटे भाइयों-बहनों को ढेर सारा प्यार

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी अपने सोशल मीडिया (एक्स) अकाउंट पर एक संदेश दिया। उन्होंने इसे बांग्ला दिवस बताया और राज्य में भाईचारे और एकता की प्रार्थना की। उन्होंने कहा, ‘मैं बांग्ला में गाती हूं.. बांग्ला दिवस की सभी को शुभकामनाएं। हमारे छोटे भाइयों-बहनों को ढेर सारा प्यार। राज्य की सांस्कृतिक परंपरा और आगे बढ़े और लोगों के बीच भाईचारा और मजबूत हो।’

सभी की भलाई के लिए प्रार्थना

पश्चिम बंगाल में नेता प्रतिपक्ष और भाजपा विधायक शुभेंदु अधिकारी ने बंगाली नए साल पोइला बोइशाख के मौके पर सभी को शुभकामनाएं दीं और एकता की अपील की। अपने संदेश में उन्होंने लिखा, ‘नववर्ष की शुभकामनाएं! बैशाख की गर्मी आत्मा को शुद्ध करे। सुधार की भावना बनाए रखने के लिए मैं एकता की अपील करता हूं। अन्याय के खिलाफ लड़ाई में अंत में सच की ही जीत होगी। सभी को पोइला बोइशाख की शुभकामनाएं। मैं मां भवतारिणी से सभी की भलाई के लिए प्रार्थना करता हूं।’

पूजा-अर्चना से होती है शुरुआत

बंगाली नववर्ष को बंगला नबो-बाशरे के नाम से भी जाना जाता है। यह बंगाली कैलेंडर का पहला दिन है। इसे नए साल के दिन के रूप में मनाया जाता है। इसे बैशाख पर मनाया जाता है, जो सामान्यत: 14 या 15 अप्रैल को होता है। इस साल यह 15 अप्रैल को मनाया जा रहा है। आमतौर पर, पोइला बैसाख 2025 खुशी और एक नई शुरुआत का समय होता है। घर सुंदर ढंग से सजाए जाते हैं, नए कपड़े पहने जाते हैं, बाजारों में रौनक रहती है, और परिवार मिलकर दावतें करते हैं। इस दिन की शुरुआत अक्सर मंदिरों में पूजा-अर्चना से होती है, जहां लोग आने वाले साल के लिए आशीर्वाद मांगते हैं। व्यापारियों के लिए, यह नए काम शुरू करने और नए खाते खोलने का समय होता है, जो तरक्की और नएपन का प्रतीक है। किसान इस दिन को नई फसल के मौसम की शुरुआत मानते हैं।

खबरें और भी हैं...

Copyright © 2025 Dainik Savera Times. All rights reserved.
ऐप खोलें