हैदराबाद: मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष का असर अब भारत की अंतरराष्ट्रीय हवाई सेवाओं पर भी साफ दिखाई देने लगा है। हैदराबाद के राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर बीते दिन कुल 25 उड़ानें रद्द कर दी गईं। इनमें मिडिल ईस्ट से आने वाली 13 उड़ानें और वहां के लिए रवाना होने वाली 12 उड़ानें शामिल हैं।
एयरपोर्ट से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, क्षेत्र में बढ़ते सुरक्षा जोखिमों को देखते हुए कई एयरलाइंस ने एहतियातन उड़ानों को रद्द करने का फैसला लिया है। इस स्थिति का असर केवल एक दिन तक सीमित नहीं रहा है। आंकड़ों के मुताबिक 28 फरवरी से 10 मार्च के बीच हैदराबाद एयरपोर्ट से कुल 360 से अधिक उड़ानें रद्द की जा चुकी हैं।
यात्रियों और कारोबार पर असर
उड़ानों के बड़े पैमाने पर रद्द होने से हजारों यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई लोग अपने गंतव्य तक नहीं पहुंच पाए, जबकि कुछ यात्रियों को एयरपोर्ट पर ही इंतजार करना पड़ा। इसके अलावा व्यापार और पर्यटन गतिविधियों पर भी इसका असर पड़ रहा है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी यात्री अपनी परेशानियां साझा कर रहे हैं और एयरलाइंस से उड़ानों की स्थिति तथा रिफंड से जुड़ी जानकारी मांग रहे हैं।
एयरलाइंस की सावधानी
एविएशन विशेषज्ञों का कहना है कि मिडिल ईस्ट में तनावपूर्ण हालात के कारण कुछ देशों के एयरस्पेस को लेकर सुरक्षा चिंताएं बढ़ गई हैं। ऐसे में कई विमानों को वैकल्पिक और लंबे मार्गों से उड़ान भरनी पड़ रही है, जिससे परिचालन लागत में भी बढ़ोतरी हो रही है।
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आगे और रद्द हो सकती हैं उड़ानें
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर क्षेत्र में हालात जल्द सामान्य नहीं होते हैं तो आने वाले दिनों में और उड़ानों के रद्द होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
यात्रियों को सलाह दी जा रही है कि वे यात्रा पर निकलने से पहले अपनी एयरलाइन की आधिकारिक वेबसाइट या कस्टमर केयर से संपर्क कर उड़ान की ताजा जानकारी जरूर प्राप्त करें, ताकि किसी भी असुविधा से बचा जा सके।

