नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने आतंकवाद के खिलाफ बड़ा कदम उठाते हुए गैर-कानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) की धारा 35 के तहत 23 लोगों को व्यक्तिगत आतंकवादी (Individual Terrorist) घोषित किया है। गृह मंत्रालय (MHA) ने शनिवार को जारी अधिसूचना में बताया कि ये सभी लोग भारत विरोधी आतंकवादी गतिविधियों में शामिल रहे हैं और इनका संबंध पाकिस्तान तथा पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में सक्रिय आतंकी संगठनों से है। इस कार्रवाई के बाद UAPA की चौथी अनुसूची के तहत घोषित व्यक्तिगत आतंकवादियों की कुल संख्या बढ़कर 80 हो गई है।
प्रतिबंधित आतंकी संगठनों से जुड़े हैं सभी आरोपी
गृह मंत्रालय के अनुसार, घोषित किए गए 23 लोगों का संबंध प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM), लश्कर-ए-तैयबा (LeT), द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) और जमात-उद-दावा (JuD) से है। इनमें 10 लोग जैश-ए-मोहम्मद और 13 लोग लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े बताए गए हैं। कुछ आरोपियों के TRF और JuD से भी संबंध सामने आए हैं।
11 लोग जम्मू-कश्मीर के, बाकी पाकिस्तान के नागरिक
घोषित किए गए 23 आतंकवादियों में 11 लोग मूल रूप से जम्मू-कश्मीर के रहने वाले हैं, जबकि बाकी 12 पाकिस्तानी नागरिक हैं। इन 11 लोगों में से 7 वर्तमान में पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में रह रहे हैं, जबकि 4 लोग पाकिस्तान के अलग-अलग शहरों में रह रहे हैं।
PoK में रह रहे सात लोगों के नाम
गृह मंत्रालय के अनुसार, PoK में रह रहे सात लोगों में मसूद इलियास कश्मीरी (रावलकोट), मुफ़्ती मुहम्मद असग़र खान (अब्बासपुर), हाफ़िज़ अब्दुल शकूर (कोटली), अब्दुल्ला जिहादी (कुंडलशाही, नीलम), गुलाम फ़रीद (बडिंग, बिंबर), बिलाल अहमद मीर (मूल निवासी सोपोर, वर्तमान में मुज़फ़्फ़राबाद) और आबिद क़य्यूम लोन (मूल निवासी बारामूला, वर्तमान में PoK) शामिल हैं।
पाकिस्तान में रह रहे 4 भारतीय मूल के आरोपी
पाकिस्तान में रह रहे चार भारतीय मूल के लोगों में हारून रशीद गनई (अनंतनाग), नज़ीर अहमद गुज्जर (डोडा), ओवैस फ़रोज़ मीर (पुलवामा) और मोहम्मद शहीद फैसल शामिल हैं। गृह मंत्रालय के मुताबिक, मोहम्मद शहीद फैसल का भारतीय पता बेंगलुरु का है, लेकिन वह फिलहाल रावलपिंडी (पाकिस्तान) में रह रहा है।
इन गतिविधियों में शामिल होने का आरोप
सरकार के अनुसार, सभी घोषित आतंकवादी कई गंभीर गतिविधियों में शामिल रहे हैं। इनमें आतंकियों की भर्ती करना, प्रशिक्षण देना, जम्मू-कश्मीर में घुसपैठ कराना, आतंकी हमलों की साजिश रचना, ड्रोन और सीमा पार नेटवर्क के जरिए हथियार तथा गोला-बारूद पहुंचाना, टेरर फंडिंग करना, लॉजिस्टिक सहायता देना और आतंकी शिविरों का संचालन करना शामिल है।
नगरोटा और सुंजवान हमलों से भी जुड़ा संबंध
गृह मंत्रालय ने बताया कि जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े कई लोगों का संबंध 2016 के नगरोटा आर्मी कैंप आतंकी हमले और 2022 के सुंजवान हमले से भी पाया गया है। पाकिस्तान में मौजूद जिन वरिष्ठ आतंकियों को UAPA के तहत आतंकवादी घोषित किया गया है, उनमें अब्दुल रऊफ़, हाफ़िज़ खालिद वलीद, मौलाना सैफुल्ला खालिद, मोहम्मद याकूब, मौलाना यूसुफ़ तैबी, कारी याकूब शेख, राणा इफ्तिखार, वसीम नूर जट, अशफ़ाक अहमद, मौलाना इमदाद उल्लाह मक्की और मोहम्मद मुसादिक के नाम शामिल हैं। सरकार का कहना है कि इस कार्रवाई का उद्देश्य आतंकवाद के नेटवर्क पर कड़ी कार्रवाई करना, आतंकी गतिविधियों पर रोक लगाना और देश की सुरक्षा को और मजबूत बनाना है।

