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‘मोदी जी ड्रामा बंद करें, पेपर लीक माफिया पर कार्रवाई करें, छात्रों पर नहीं’, टेलीग्राम बैन पर राहुल गांधी का केंद्र पर हमला

Rahul Gandhi is not a VVIP, says CJI; everyone is equal in court

Rahul Gandhi is not a VVIP, says CJI; everyone is equal in court

Rahul Gandhi attacks Centre: कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने NEET-UG 2026 परीक्षा से जुड़े पेपर लीक मामले को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने भारत में टेलीग्राम पर अस्थायी रोक लगाने के फैसले की आलोचना करते हुए कहा कि सरकार असली दोषियों पर कार्रवाई करने के बजाय छात्रों को परेशान कर रही है।

दरअसल, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने 21 जून को होने वाली NEET-UG 2026 री-एग्जाम परीक्षा को देखते हुए भारत में टेलीग्राम की सेवाओं को 22 जून 2026 तक सीमित समय के लिए बंद करने का फैसला लिया है। NTA का कहना है कि कुछ संगठित गिरोह टेलीग्राम का इस्तेमाल छात्रों को गुमराह करने और परीक्षा में धोखाधड़ी करने के लिए कर सकते हैं।

राहुल गांधी ने मोदी सरकार को घेरा 

इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि सरकार पेपर लीक रोकने के नाम पर गलत कदम उठा रही है। उन्होंने कहा, “चोर को पकड़ने के बजाय पीड़ित के दरवाजे पर ताला लगा दिया गया है।” राहुल गांधी ने कहा कि लाखों छात्र कई वर्षों से टेलीग्राम का उपयोग पढ़ाई, नोट्स साझा करने, टेस्ट सीरीज और परीक्षा की तैयारी के लिए करते आ रहे हैं। ऐसे में टेलीग्राम पर रोक लगाना पेपर लीक की समस्या का समाधान नहीं है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि टेलीग्राम पर रोक लगाने से भी पेपर लीक नहीं रुकता, तो क्या अगला कदम WhatsApp जैसे दूसरे प्लेटफॉर्म को बंद करना होगा?

सुरक्षा इंतजामों पर तंज कसा

राहुल गांधी ने परीक्षा के दौरान किए जाने वाले सुरक्षा इंतजामों पर भी तंज कसा। उन्होंने कहा कि परीक्षा के दिन छात्रों की कड़ी जांच होगी, प्रश्नपत्रों को विशेष सुरक्षा के साथ भेजा जाएगा और कई तरह के दिखावटी इंतजाम किए जाएंगे, लेकिन पेपर लीक की जड़ पर कोई कार्रवाई नहीं होगी। उन्होंने आरोप लगाया कि पेपर लीक माफिया सरकार की निगरानी में फल-फूल रहा है और इसके कारण देश के युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील करते हुए कहा, “ड्रामा करना छोड़िए, माफिया पर कार्रवाई कीजिए, छात्रों पर नहीं।”

दिल्ली हाईकोर्ट पहुंचा टेलीग्राम 

इस बीच, टेलीग्राम ने केंद्र सरकार के फैसले को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी है। कंपनी का कहना है कि भारत में उसकी सेवाओं को अस्थायी रूप से बंद करने का आदेश गलत है। टेलीग्राम की ओर से दाखिल याचिका को लेकर एडवोकेट माधव खोसला ने दिल्ली हाई कोर्ट की वेकेशन बेंच के सामने मामले का तत्काल उल्लेख किया। जस्टिस तेजस करिया की बेंच ने इस याचिका पर उसी दिन सुनवाई करने पर सहमति जताई। अब इस मामले में सभी की नजर दिल्ली हाई कोर्ट के फैसले और केंद्र सरकार के अगले कदम पर टिकी हुई है।

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