नई दिल्ली: दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने कथित दिल्ली शराब नीति घोटाले से जुड़े सीबीआई केस में बड़ी राहत देते हुए अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया को बरी कर दिया। अदालत ने कहा कि पहली नजर में किसी भी तरह की आपराधिक साजिश के पुख्ता सबूत नहीं मिले। फैसले के बाद केजरीवाल ने अपने आवास से पार्टी दफ्तर तक रोड शो किया। इस दौरान वे समर्थकों का अभिवादन करते नजर आए और उनके हाथ में गदा भी थी, जिसे उन्होंने प्रतीकात्मक रूप से दिखाया।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में केजरीवाल ने कोर्ट के फैसले को “ऐतिहासिक” बताया और सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी को राजनीतिक रूप से हराने में असफल रहने के बाद उनके खिलाफ साजिश रची गई। केजरीवाल ने कहा, “आज पीएम मोदी और अमित शाह को पूरे देश से माफी मांगनी चाहिए।”
#WATCH | Delhi | AAP national convener Arvind Kejriwal says, “Two people, PM Modi and Amit Shah, hatched this conspiracy to finish Aam Aadmi Party. Today, they should apologise to the country….I have only earned honesty, not money…” pic.twitter.com/xaqoPh2FWs
— ANI (@ANI) February 27, 2026
केजरीवाल ने कहा कि उन्होंने हमेशा ईमानदारी से काम किया है। उन्होंने कहा,“मैं मोटी चमड़ी वाला नेता नहीं हूं। मुझे जेल जाने से फर्क पड़ता है। मेरे जेल जाने से मेरे परिवार पर भी असर पड़ता है।” उन्होंने बीजेपी सरकार पर दिल्ली के विकास कार्यों को लेकर भी सवाल उठाए। केजरीवाल ने दावा किया कि उनकी सरकार ने पांच हजार स्कूल बनाए और दिल्ली में बड़े स्तर पर काम किया। उन्होंने कहा कि अगर उतना ही काम दूसरी सरकार कर दे तो उन्हें चुनाव जीतने के लिए किसी को जेल भेजने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
केजरीवाल ने कहा कि आम आदमी पार्टी का हर कार्यकर्ता “कट्टर ईमानदार” है। उन्होंने बताया कि अदालत ने करीब 600 पन्नों के आदेश में सभी सबूतों और गवाहों की जांच के बाद कहा कि मुकदमा चलाने लायक भी पर्याप्त आधार नहीं है। उन्होंने न्यायपालिका का धन्यवाद करते हुए कहा कि मौजूदा माहौल में ऐसा फैसला देना साहस की बात है।
इस मामले की जांच सीबीआई Central Bureau of Investigation (CBI) कर रही थी। अदालत के फैसले के बाद सीबीआई सूत्रों ने संकेत दिया है कि एजेंसी इस निर्णय को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती देगी।
कोरोना काल के दौरान दिल्ली सरकार ने दिल्ली आबकारी नीति 2021-22 लागू की थी। इस नीति के तहत शराब बिक्री के नियमों में बदलाव किए गए थे। बाद में नीति के क्रियान्वयन में कथित अनियमितताओं की शिकायतें सामने आईं। इसके बाद दिल्ली के उपराज्यपाल ने सीबीआई जांच की सिफारिश की। बढ़ते विवाद के बीच सरकार ने नई आबकारी नीति को रद्द कर दिया।
सीबीआई ने आरोप लगाया था कि नीति बनाते समय कुछ लोगों को फायदा पहुंचाने की साजिश रची गई। हालांकि अब निचली अदालत ने कहा है कि प्रस्तुत सबूतों से किसी आपराधिक षड्यंत्र की पुष्टि नहीं होती। यह मामला पिछले कुछ वर्षों से राष्ट्रीय राजनीति का बड़ा मुद्दा रहा है। अब सबकी नजर दिल्ली हाईकोर्ट पर रहेगी, जहां इस फैसले को चुनौती दी जा सकती है।