Mohibullah Nadvi : संसद मार्ग मस्जिद में समाजवादी पार्टी के सांसदों की हालिया बैठक के खिलाफ मुस्लिम धर्मगुरुओं ने मोर्चा खोल दिया है। मस्जिद के इमाम मोहिबुल्लाह नदवी पर धार्मिक स्थल के राजनीतिक इस्तेमाल का आरोप लगाया गया है और उन्हें इमाम पद से हटाने की मांग की गई है। ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रिजवी बरेलवी ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर आरोप लगाया है कि मौलाना नदवी की मौन स्वीकृति से संसद मार्ग मस्जिद में समाजवादी पार्टी की बैठक हुई। इस बैठक में समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव, डिंपल यादव, धर्मेंद्र यादव, जियाउर रहमान बर्क और अन्य नेता शामिल हुए।
शरीयत का खुला उल्लंघन
मौलाना शहाबुद्दीन रिजवी ने आरोप लगाया कि मस्जिद जैसे पवित्र स्थल का इस तरह राजनीतिक इस्तेमाल न केवल शरीयत के खिलाफ है, बल्कि इससे करोड़ों मुसलमानों की धार्मिक आस्था को भी ठेस पहुंचती है। रिजवी ने पत्र में लिखा, ‘मस्जिद में महिलाओं का प्रवेश और अपवित्र लोगों की उपस्थिति शरीयत का खुला उल्लंघन है। मस्जिद एक इबादतगाह है, कोई राजनीतिक मंच नहीं।’
मोहिबुल्लाह नदवी ने नहीं दी प्रतिक्रिया
संसद मार्ग स्थित मस्जिद लोकसभा सचिवालय के अधिकार क्षेत्र में आती है और मौलाना नदवी वर्तमान में सांसद भी हैं, ऐसे में रिजवी ने मांग की है कि उन्हें तुरंत मस्जिद की इमामत से हटाकर यह ज़िम्मेदारी किसी सूफी, धार्मिक और गैर-राजनीतिक व्यक्ति को सौंपी जाए। मौलाना शहाबुद्दीन रिजवी के पत्र के बाद, मौलाना मोहिबुल्लाह नदवी ने अभी तक इस पूरे विवाद पर कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं दी है और न ही समाजवादी पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक बयान आया है। इस समय, मस्जिद के राजनीतिक इस्तेमाल का यह मामला अब धार्मिक और राजनीतिक दोनों मोर्चों पर चर्चा का विषय बन गया है।
तस्वीर हुई थी वायरल
मालूम हो कि सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने हाल ही में दिल्ली के संसद मार्ग स्थित जामा मस्जिद में पार्टी नेताओं के साथ एक बैठक की थी। इसकी तस्वीर वायरल हुई थी। तस्वीर सामने आने के बाद भाजपा ने उन पर हमला बोला था। इस मामले में एक बड़ी बात यह है कि इस मस्जिद के इमाम मोहिबुल्लाह नदवी हैं, जो उत्तर प्रदेश की रामपुर लोकसभा सीट से समाजवादी पार्टी के सांसद भी हैं।

