Monsoon active from the 15th to the 19th. : नारनौल। हरियाणा एनसीआर-दिल्ली में मानसून की विदाई से पहले एक बार फिर बारिश का दौर सक्रिय होने की संभावना है। मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन के अनुसार 15 से 19 सितंबर के बीच प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर तेज बारिश हो सकती है।
भारतीय मौसम विभाग ने भी क्षेत्र में येलो अलर्ट जारी किया है। इस दौरान तापमान में गिरावट के साथ बारिश से मानसून के मौजूदा आंकड़ों में सुधार की उम्मीद है। डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि हरियाणा में इस मानसून सीजन के दौरान 1 जून से 13 सितंबर तक कुल 303.2 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है, जबकि इस अवधि में सामान्य बारिश 403.2 मिलीमीटर मानी जाती है। इस तरह प्रदेश में अब तक सामान्य से करीब 25 प्रतिशत कम बारिशहुई है। उन्होंने बताया कि भिवानी, गुरुग्राम और कुरुक्षेत्र में बारिश सामान्य के आसपास रही, जबकि प्रदेश के 19 जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है। मौसम विशेषज्ञ ने बताया कि वर्तमान में दक्षिण-पूर्वी मानसूनी हवाओं के प्रभाव से हरियाणा एनसीआर-दिल्ली में मौसम परिवर्तनशील बना हुआ है। कई स्थानों पर बिखराव वाली बारिश और बूंदाबांदी की गतिविधियां दर्ज की जा रही हैं।
आने वाले दिनों में मानसूनी गतिविधियों में और इजाफा होने की संभावना है। उन्होंने बताया कि 15 सितंबर को उत्तरी पर्वतीय क्षेत्रों में नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है। इसके प्रभाव से मानसून टर्फ हरियाणा एनसीआर-दिल्ली की ओर पहुंच सकती है। मानसूनी सिस्टम और पश्चिमी विक्षोभ के संभावित आपसी प्रभाव से 15 से 19 सितंबर के बीच बारिश का दौर बनने की संभावना है। भारतीय मौसम विभाग ने भी क्षेत्र के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। डॉ. चंद्रमोहन के अनुसार इस दौरान हरियाणा के करीब 60 से 70 प्रतिशत क्षेत्रों में बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। पश्चिमी हिस्से के सिरसा, फतेहाबाद, हिसार, भिवानी, चरखी दादरी और महेंद्रगढ़ तथा उत्तरी जिलों पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, कैथल व जींद में हल्की से मध्यम बारिश और कुछ स्थानों पर तेज बारिश होने की संभावना है।
रोहतक व झज्जर सहित मध्यवर्ती जिलों तथा पूर्वी और दक्षिणी हिस्सों में हल्की बारिश व बूंदाबांदी के साथ कुछ स्थानों पर तेज बारिश हो सकती है। बारिश के कारण दिन और रात के तापमान में गिरावट आने की संभावना है। साथ ही मानसून के बारिश आंकड़ों में भी कुछ सुधार हो सकता है। डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि इस बारिश के दौर के बाद मानसून की विदाई लगभग तय मानी जा रही है। राजस्थान के ऊपर प्रति चक्रवातीय परिसंचरण बनने के बाद पश्चिमी हवाओं का प्रभाव बढ़ेगा, जिससे मानसून की वापसी की प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है। उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में क्षेत्र में खरीफ फसलों की कटाई का कार्य भी जोर-शोर से चल रहा है। किसानों को सलाह दी गई है कि मौसम की गतिविधियों को ध्यान में रखते हुए कृषि कार्य करें। बारिश की संभावना को देखते हुए कटी हुई फसल को सुरक्षित स्थान पर रखें तथा फसल को ढकने के लिए तिरपाल आदि का प्रबंध पहले से कर लें।

