Site icon Dainik Savera Times

मानसून सत्र की हंगामेदार शुरुआत, NEET पेपर लीक, राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर चर्चा की मांग, लोकसभा की कार्यवाही 12 बजे तक स्थगित

loksbha live

Monsoon Session Parliament : नई दिल्लीः संसद का मॉनसून सत्र आज से शुरू हो गया है। यह सत्र 13 अगस्त तक चलेगा। इस दौरान लोकसभा और राज्यसभा की कुल 19 बैठकें होंगी। सरकार कई महत्वपूर्ण विधेयक (बिल) संसद में पेश करेगी। वहीं, मानसून सत्र के पहले दिन लोकसभा में विपक्षी सांसदों ने हंगामा कर दिया। सदन की कार्यवाही 12 मिनट ही चल सकी। जिसके बाद स्पीकर ओम बिरला ने कार्यवाही 12 बजे तक स्थगित कर दी है।

विपक्ष के नेताओं ने नीट-यूजी पेपर लीक और अयोध्या में श्रीराम मंदिर चढ़ावा चोरी जैसे मुद्दों को लेकर सरकार से चर्चा की मांग की। इसके बाद संसद  में जोरदार हंगामा हो गया। जिसके बाद विपक्षी सांसदों के अलग-अलग मुद्दों पर विरोध के बीच, स्पीकर ओम बिरला ने कहा, “कृपया अपनी सीट पर बैठे रहें। सदन चलाने में सहयोग करें।

 

सरकार लाएगी 7 महत्वपूर्ण बिल
मॉनसून सत्र के दौरान केंद्र सरकार सात नए और अहम बिल संसद में पेश करेगी। इन बिलों का उद्देश्य अलग-अलग क्षेत्रों में कानूनों को मजबूत और आधुनिक बनाना है।

सरकार जिन प्रमुख बिलों को पेश करेगी, उनमें शामिल हैं—

-इनकम टैक्स संशोधन बिल

-सुप्रीम कोर्ट संशोधन बिल

-जन्म और मृत्यु पंजीकरण संशोधन बिल

-राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम संशोधन बिल

-सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSME) विकास संशोधन बिल

-विदेशी अंशदान विनियमन (FCRA) संशोधन विधेयक

-विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक

-इसके अलावा, सत्र के पहले दिन यानी सोमवार को लोकसभा में वंदे मातरम् बिल भी पेश किया जाएगा।

विपक्ष कई मुद्दों पर सरकार को घेरेगा
इस बार विपक्ष संसद में कई राष्ट्रीय और राजनीतिक मुद्दों को जोर-शोर से उठाने की तैयारी कर चुका है। विपक्ष का कहना है कि इन मुद्दों पर सरकार को जवाब देना चाहिए।

विपक्ष जिन प्रमुख मुद्दों को उठाएगा, उनमें शामिल हैं—

इन विषयों को लेकर संसद में तीखी बहस और हंगामे की संभावना जताई जा रही है।

परिसीमन और महिला आरक्षण पर बनी हुई है उत्सुकता
इस सत्र में सबसे ज्यादा चर्चा दो बड़े विषयों को लेकर हो रही है। पहला है परिसीमन (Delimitation) और दूसरा महिला आरक्षण विधेयक। अभी तक सरकार की ओर से इन दोनों विषयों पर कोई स्पष्ट घोषणा नहीं की गई है। हालांकि, लोकसभा में बदले हुए राजनीतिक समीकरण और नए संख्या बल को देखते हुए माना जा रहा है कि सरकार इन मुद्दों पर आगे बढ़ सकती है। इसलिए सभी राजनीतिक दलों और लोगों की नजर इन दोनों विषयों पर बनी हुई है।

सर्वदलीय बैठक में बढ़ा राजनीतिक तनाव
संसद सत्र शुरू होने से पहले आयोजित सर्वदलीय बैठक में भी राजनीतिक माहौल गरमा गया। बैठक में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के बागी सांसदों को बुलाए जाने का विपक्षी दलों ने विरोध किया। इस फैसले के खिलाफ विपक्ष ने बैठक से वॉकआउट कर दिया। इसके बाद संसद सत्र शुरू होने से पहले ही राजनीतिक माहौल और अधिक गर्म हो गया।

 

संसद सत्र से पहले पीएम मोदी ने मीडिया को किया संबोधित
संसद का मॉनसून सत्र शुरू होने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को मीडिया से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने भारत की तेज आर्थिक विकास दर, देश की उपलब्धियों और सरकार के विकास कार्यों पर विस्तार से अपनी बात रखी। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश लगातार विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है और युवाओं की भूमिका इसमें सबसे महत्वपूर्ण है।

युवाओं के नाम पीएम मोदी का संदेश
सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर एक संदेश भी साझा किया। उन्होंने लिखा कि आज भारत के युवा धैर्य, आत्मविश्वास और कड़ी मेहनत के बल पर नई-नई ऐतिहासिक सफलताएं हासिल कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के युवाओं की यही मेहनत और आत्मविश्वास विकसित भारत की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में भारत के युवा देश को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाएंगे।

क्या रहेगा इस सत्र का फोकस
इस बार का मॉनसून सत्र कई कारणों से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। एक ओर सरकार कई अहम विधेयकों को पास कराने की कोशिश करेगी, वहीं दूसरी ओर विपक्ष विभिन्न राष्ट्रीय मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगने की रणनीति के साथ सदन में उतरेगा। ऐसे में आने वाले दिनों में संसद में कानून निर्माण के साथ-साथ राजनीतिक बहस और हंगामे भी देखने को मिल सकते हैं।

 

Exit mobile version